
बिजनौर । उत्तर प्रदेश के बिजनौर में आयोजित होने वाली सत्ता परिवर्तन रैली में शामिल होने जा रहे नगीना सांसद एवं चंद्रशेखर आजाद को गुरुवार को पुलिस प्रशासन ने उनके धामपुर स्थित आवास पर नजरबंद कर दिया। इस दौरान पुलिस और सांसद के बीच तीखी नोकझोंक भी देखने को मिली।
भारी पुलिस बल ने घेरा आवास
जानकारी के अनुसार, आजाद समाज पार्टी द्वारा बिजनौर मुख्यालय पर सत्ता परिवर्तन कार्यक्रम आयोजित किया गया था। सांसद चंद्रशेखर आजाद अपने समर्थकों और कार्यकर्ताओं के साथ कार्यक्रम में शामिल होने के लिए रवाना होने वाले थे। इसी दौरान अपर पुलिस अधीक्षक (पूर्वी) अमित किशोर श्रीवास्तव के नेतृत्व में भारी पुलिस बल उनके आवास पहुंच गया।पुलिस ने सुरक्षा कारणों का हवाला देते हुए सांसद को आवास से बाहर निकलने की अनुमति नहीं दी। मौके पर कई थानों की पुलिस तैनात कर दी गई, जिससे क्षेत्र में तनावपूर्ण माहौल बन गया।
“लोकतंत्र में लोगों के बीच जाने से रोकना गलत”
मीडिया से बातचीत में चंद्रशेखर आजाद ने कहा कि उनकी पार्टी संविधान और लोकतांत्रिक मूल्यों में विश्वास रखती है। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रशासन उन्हें जनता के बीच जाने से रोक रहा है।उन्होंने कहा कि सभी आवश्यक अनुमतियों के लिए आवेदन किया गया था और देर रात तक प्रशासन से अनुमति मांगी जाती रही, लेकिन मंजूरी नहीं दी गई।
पुलिस की भूमिका पर उठाए सवाल
सांसद ने कहा कि पुलिस का कार्य जनता की सुरक्षा सुनिश्चित करना है, न कि लोगों को डराना या रोकना। उन्होंने आरोप लगाया कि यदि पुलिस सत्ता के दबाव में कार्य कर रही है तो यह लोकतांत्रिक व्यवस्था के लिए चिंताजनक है।उन्होंने कहा, “यदि सरकार मुझे मेरे लोगों के बीच जाने और अपनी बात रखने से रोकती है, तो इसे लोकतंत्र की हत्या कहा जाएगा।”
सुरक्षा का हवाला देकर रोका गया
पुलिस प्रशासन का कहना है कि सुरक्षा कारणों से सांसद को कार्यक्रम में जाने की अनुमति नहीं दी गई। हालांकि चंद्रशेखर आजाद ने इस तर्क पर सवाल उठाते हुए कहा कि सुरक्षा की जरूरत तब होती है जब वे जनता के बीच जाएं, लेकिन यदि उन्हें बाहर निकलने ही नहीं दिया जाएगा तो सुरक्षा का क्या औचित्य है।
मौके पर मौजूद रहे वरिष्ठ अधिकारी
घटनास्थल पर सीओ अभय कुमार पांडे, धामपुर कोतवाल मृदुल कुमार सिंह समेत कई वरिष्ठ पुलिस अधिकारी मौजूद रहे। पूरे क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है।



