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Uttar pradesh : शुभेंदु अधिकारी के पीए हत्याकांड का आरोपी ज्ञानेंद्र सिंह उर्फ मनु कोर्ट में सरेंडर, जांच एजेंसियों को दिया चकमा

बलिया/कोलकाता। पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी के निजी सहायक चंद्रनाथ रथ हत्याकांड में एक बेहद चौंकाने वाला मोड़ आया है। इस हाई-प्रोफाइल मामले में लंबे समय से फरार और मुख्य संदिग्धों में शामिल ज्ञानेंद्र सिंह उर्फ मनु ने गुरुवार को उत्तर प्रदेश के बलिया की एक अदालत में आत्मसमर्पण (सरेंडर) कर दिया।जिस आरोपी को दबोचने के लिए सीबीआई , एसटीएफ, एसओजी और कई राज्यों की स्थानीय पुलिस दिन-रात छापेमारी कर रही थी, उसने सभी सुरक्षा एजेंसियों को चकमा देते हुए गैंगस्टर कोर्ट में सरेंडर कर दिया।

गैंगस्टर कोर्ट में किया सरेंडर

ज्ञानेंद्र सिंह उर्फ मनु उत्तर प्रदेश के बलिया जिले के शीतल दवनी गांव का रहने वाला है। गुरुवार को उसने बलिया के अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश (गैंगस्टर मामलों की सुनवाई कर रहे जज) हरीश कुमार की अदालत में आत्मसमर्पण किया। ज्ञानेंद्र ने साल 2023 में बलिया के बांसडीह रोड थाने में दर्ज गैंगस्टर एक्ट के एक पुराने मामले में सरेंडर किया है।इस मामले में लगातार अदालत में पेश न होने के कारण उसके खिलाफ गैर-जमानती वारंट जारी किया गया था।

जांच एजेंसियों की व्यस्तता का उठाया फायदा

सूत्रों के मुताबिक, चंद्रनाथ रथ हत्याकांड की जांच कर रही सीबीआई की टीम इस मामले के एक अन्य सह-आरोपी गोलू सिंह को बांसडीह रोड के पास से गिरफ्तार कर उसकी ‘ट्रांजिट रिमांड’ लेने की कानूनी प्रक्रिया में व्यस्त थी। इसी बात का फायदा उठाकर ज्ञानेंद्र सिंह गुपचुप तरीके से अदालत परिसर पहुंचा और सरेंडर कर दिया, जिससे जांच एजेंसियां हाथ मलती रह गईं।

क्या था चंद्रनाथ रथ हत्याकांड?

पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव परिणाम घोषित होने के ठीक बाद 6 मई की रात शुभेंदु अधिकारी के पीए चंद्रनाथ रथ पर अज्ञात हमलावरों ने उस समय ताबड़तोड़ फायरिंग कर दी थी, जब वह अपनी कार से जा रहे थे। इस हमले में गंभीर रूप से घायल चंद्रनाथ रथ ने दम तोड़ दिया था। इस जघन्य हत्याकांड ने बंगाल की राजनीति में भूचाल ला दिया था, जिसके बाद मामले की जांच सीबीआई को सौंप दी गई थी।

अब आगे क्या?

सीबीआई ने इस हाई-प्रोफाइल मर्डर केस के लिए एक विशेष जांच दल का गठन किया है। हालांकि, ज्ञानेंद्र सिंह के परिजनों का दावा है कि वह पूरी तरह निर्दोष है और उसे राजनीतिक रंजिश के तहत फंसाया जा रहा है। कानूनी विशेषज्ञों के अनुसार, अब सीबीआई और एसटीएफ ज्ञानेंद्र सिंह को रिमांड पर लेने के लिए जल्द ही बलिया कोर्ट में अर्जी दाखिल कर सकती हैं ताकि हत्याकांड के मुख्य साजिशकर्ताओं का पता लगाया जा सके।

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