Maharashtra: अल-कंबर 786 और एमवी रूएन जहाज अपहरण मामलों में विशेष अदालत ने सुनाई सजा, समुद्री डकैती विरोधी कानून के तहत बड़ी कार्रवाई

मुंबई: मुंबई की विशेष अदालत ने सोमाली समुद्री डकैती के दो अलग-अलग मामलों में बड़ा फैसला सुनाते हुए कुल 44 सोमाली नागरिकों को दोषी ठहराकर सजा सुनाई है। इनमें ईरानी मछली पकड़ने वाले जहाज एफबी अल-कंबर 786 के अपहरण मामले में 9 आरोपी और एमवी रूएन जहाज अपहरण मामले में 35 आरोपी शामिल हैं।यह फैसला समुद्री डकैती निरोधक अधिनियम, 2022 के तहत सुनाया गया है और इसे भारत की समुद्री सुरक्षा व्यवस्था के लिए ऐतिहासिक माना जा रहा है।
अल-कंबर 786 अपहरण मामले में 9 आरोपी दोषी
अदालत ने मार्च 2024 में ईरानी मछली पकड़ने वाले जहाज एफबी अल-कंबर 786 के अपहरण और उसके 23 चालक दल के सदस्यों को बंधक बनाने के मामले में सभी 9 सोमाली नागरिकों को दोषी ठहराया। मामले की सुनवाई अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश एस.बी. दिघे की विशेष अदालत में हुई।
एमवी रूएन मामले में 35 आरोपियों को भी सजा
इसी दिन अदालत ने एमवी रूएन जहाज के अपहरण मामले में भी सभी 35 सोमाली आरोपियों को दोषी ठहराया। यह मैरीटाइम एंटी-पायरेसी एक्ट, 2022 के तहत भारत की पहली सफल दोषसिद्धि मानी जा रही है।
भारतीय नौसेना के अभियान के बाद शुरू हुई थी जांच
दोनों मामलों की जांच भारतीय नौसेना द्वारा जहाजों को मुक्त कराने के बाद शुरू हुई थी। इसके बाद येलो गेट पुलिस स्टेशन ने विस्तृत जांच कर आरोप पत्र अदालत में दाखिल किया।
विशेष लोक अभियोजक ने की पैरवी
दोनों मामलों में महाराष्ट्र सरकार की ओर से विशेष लोक अभियोजक एडवोकेट रंजीत वी. सांगले ने अभियोजन पक्ष का प्रतिनिधित्व किया। अदालत में प्रस्तुत साक्ष्यों के आधार पर सभी आरोपियों को दोषी करार दिया गया।
समुद्री डकैती के खिलाफ भारत का सख्त संदेश
अदालत के इस फैसले को समुद्री डकैती के खिलाफ भारत की कड़ी नीति और प्रभावी न्यायिक कार्रवाई का महत्वपूर्ण उदाहरण माना जा रहा है। यह निर्णय समुद्र में सुरक्षा अभियान से लेकर अदालत में दोषसिद्धि तक भारत की समन्वित समुद्री सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत करता है।



