Jharkhand: डीसी कार्यालय पहुंचे पुड़ीहासा के ग्रामीण, अभियंता और संवेदक के लोगो पर पैसे लेकर रास्ता छोड़ने व धमकी देने का आरोप

जमशेदपुर: सुंदरनगर क्षेत्र के पुड़ीहासा सैनिक कॉलोनी में खरकई दायीं मुख्य नहर की यूजीपीएल योजना के तहत बाउंड्रीवाल निर्माण को लेकर विवाद गहरा गया है। स्वर्णरेखा नहर प्रमंडल, चांडिल की ओर से कराए जा रहे निर्माण कार्य को लेकर ग्रामीणों ने आवागमन का रास्ता प्रभावित होने की शिकायत पोटका विधायक संजीव सरदार से की थी। मंगलवार को विधायक ने संबंधित विभाग के अभियंताओं और ग्रामीणों को अपने कार्यालय बुलाकर दोनों पक्षों की बात सुनी। इस दौरान उन्होंने निर्माण प्रक्रिया और ग्रामीणों की शिकायतों को लेकर विभागीय अधिकारियों से सवाल-जवाब किए।
ग्रामसभा की अनुमति पर विधायक ने मांगा जवाब
ग्रामीणों ने विधायक को बताया था कि बाउंड्रीवाल निर्माण के कारण वर्षों से इस्तेमाल किया जा रहा रास्ता प्रभावित हो रहा है। साथ ही आरोप लगाया कि कथित तौर पर कुछ लोगों से पैसे लेकर रास्ता छोड़ा जा रहा है, जबकि अन्य परिवारों के लिए रास्ता बंद किया जा रहा है। ग्रामीणों का कहना था कि इस संबंध में विभाग को पहले भी शिकायत दी गई थी, लेकिन कार्रवाई नहीं हुई।बैठक में विधायक संजीव सरदार ने अभियंताओं से पूछा कि पांचवीं अनुसूची क्षेत्र में निर्माण कार्य शुरू करने से पहले ग्रामसभा आयोजित कर ग्रामीणों को योजना की जानकारी दी गई थी या नहीं और उनकी अनुमति ली गई थी या नहीं। ग्रामीणों के अनुसार, अभियंताओं ने इस सवाल का जवाब नकारात्मक दिया।विधायक ने यह भी पूछा कि योजना के शिलान्यास के दौरान स्थानीय विधायक, सांसद या अन्य संबंधित जनप्रतिनिधियों को आमंत्रित किया गया था अथवा इसकी सूचना दी गई थी। इस सवाल पर भी अधिकारियों की ओर से नकारात्मक जवाब मिलने की बात कही गई।विधायक ने कहा कि विकास योजनाओं को लागू करते समय स्थानीय लोगों को विश्वास में लेना और निर्धारित नियमों व प्रक्रियाओं का पालन करना जरूरी है।
एंबुलेंस, दमकल और बच्चों के आवागमन के लिए रास्ता जरूरी
विधायक ने ग्रामीणों की रास्ते से जुड़ी समस्या पर विभागीय अधिकारियों से जवाब मांगा। उन्होंने कहा कि यदि आवागमन के लिए रास्ता छोड़ा जाना है तो सभी प्रभावित परिवारों के हितों को ध्यान में रखकर समान व्यवस्था की जानी चाहिए।उन्होंने कहा कि किसी परिवार में बीमारी या आपात स्थिति आने पर एंबुलेंस और दमकल वाहन के पहुंचने के लिए रास्ता जरूरी है। इसके अलावा बच्चों के स्कूल आने-जाने में भी परेशानी नहीं होनी चाहिए। विधायक ने अभियंताओं को ग्रामीणों की समस्या का उचित समाधान निकालने और निर्माण कार्य में पारदर्शिता बरतने का निर्देश दिया।
आसनबनी का मामला उठाया, निष्पक्ष जांच की मांग
बैठक में विभागीय अधिकारियों के जवाब से असंतुष्ट विधायक ने उन्हें कड़ी फटकार लगाई। उन्होंने आसनबनी में ग्रामसभा और स्थानीय स्तर पर आवश्यक प्रक्रिया पूरी किए बिना काम शुरू करने को लेकर पहले हुए विवाद का भी जिक्र किया।विधायक ने कहा कि यदि ग्रामीणों ने पैसे मांगने या वसूली किए जाने के आरोप लगाए हैं तो उनकी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। उन्होंने संबंधित विभाग को पूरे मामले में लिखित शिकायत देने और जरूरत पड़ने पर भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो से भी जांच की मांग करने की बात कही।
अभियंताओं से मारपीट के आरोप को विधायक ने किया खारिज
विधायक संजीव सरदार ने कहा कि उन्हें अखबार के माध्यम से जानकारी मिली कि अभियंताओं की ओर से उन पर मारपीट का आरोप लगाया गया है। उन्होंने इस आरोप को सिरे से खारिज करते हुए कहा कि उन्होंने किसी अधिकारी के साथ मारपीट नहीं की। उनके अनुसार, उन्होंने ग्रामीणों की शिकायत पर अधिकारियों से सख्ती से सवाल-जवाब किया और कार्यप्रणाली को लेकर फटकार लगाई।वहीं, बैठक में मौजूद ग्रामीणों ने भी विधायक के पक्ष में बयान देते हुए कहा कि पूरी बातचीत उनके सामने हुई और किसी तरह की मारपीट नहीं हुई। ग्रामीणों के मुताबिक, विधायक ने अधिकारियों को नियमों के अनुसार काम करने और उनकी समस्या का समाधान करने को कहा था।फिलहाल, बाउंड्रीवाल निर्माण और रास्ते को लेकर उठे विवाद में ग्रामीणों की शिकायतों, विभागीय प्रक्रिया तथा मारपीट के आरोपों को लेकर संबंधित पक्षों के बयानों के आधार पर स्थिति स्पष्ट होना बाकी है।



