
प्रयागराज: कांग्रेस सांसद और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने प्रयागराज में बड़ी संख्या में मौजूद छात्रों और युवाओं को संबोधित किया। ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम में राहुल गांधी ने युवाओं की शक्ति, डेटा, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, शिक्षा, रोजगार और पेपर लीक जैसे मुद्दों पर अपनी बात रखी।राहुल गांधी ने प्रयागराज से अपने पारिवारिक जुड़ाव का जिक्र करते हुए कहा कि यह शहर कभी उनके परिवार का घर हुआ करता था और यहां आकर उन्हें खुशी होती है। उन्होंने प्रयागराज को ज्ञान का केंद्र बताते हुए इलाहाबाद विश्वविद्यालय के पुराने गौरव का भी उल्लेख किया।
‘दर्द, डेटा और दौलत’ की बात करना चाहता हूं: राहुल गांधी
युवाओं को संबोधित करते हुए राहुल गांधी ने कहा कि वह कार्यक्रम में ‘दर्द, डेटा और दौलत’ के बारे में बात करना चाहते हैं।उन्होंने कहा कि युवाओं के पास दर्द और डेटा है, लेकिन वह दौलत नहीं है जो उनके मुताबिक युवाओं की होनी चाहिए। राहुल गांधी ने इसी संदर्भ में देश की अर्थव्यवस्था और युवाओं की भूमिका पर अपनी बात रखी।
’40 करोड़ युवा इस देश में रहते हैं’
राहुल गांधी ने युवाओं को भारत की ताकत और भविष्य बताते हुए कहा कि देश में करीब 40 करोड़ युवा रहते हैं।उन्होंने कहा कि युवाओं के भीतर इंटेलिजेंस, इमेजिनेशन और क्षमता है। उनके अनुसार, भारत का भविष्य युवाओं की क्षमता और ताकत के आधार पर आगे बढ़ेगा।राहुल गांधी ने कहा कि भारत के पास दुनिया की सबसे बड़ी युवा आबादी में से एक है और यही देश की बड़ी ताकत है।
‘युवा + डेटा = 21वीं सदी की इकोनॉमी’
राहुल गांधी ने अपने संबोधन में डेटा और युवा शक्ति के संबंध पर विशेष जोर दिया। उन्होंने कहा कि 21वीं सदी की अर्थव्यवस्था में युवा क्षमता के साथ डेटा की भी महत्वपूर्ण भूमिका है।उन्होंने कहा कि भारत में बड़ी संख्या में युवा हैं और बड़ी मात्रा में डेटा भी तैयार हो रहा है। उनके मुताबिक भविष्य की प्रगति युवाओं की क्षमता और डेटा पर निर्भर करेगी।
‘आपके डेटा के बिना एआई का कोई मतलब नहीं’
आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस यानी एआई का जिक्र करते हुए राहुल गांधी ने कहा कि आज हर जगह एआई की चर्चा हो रही है, लेकिन युवाओं के डेटा के बिना एआई का कोई मतलब नहीं है।उन्होंने कहा कि एआई के निर्माण और उसके इस्तेमाल में लोगों के डेटा की महत्वपूर्ण भूमिका होती है।राहुल गांधी के इस भाषण का वीडियो उनके सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X हैंडल पर भी साझा किया गया है। वीडियो को ‘छात्रों की गूंज’ कैप्शन के साथ पोस्ट किया गया है।
पेपर लीक और नौकरी के मुद्दे पर सरकार को घेरा
राहुल गांधी ने शिक्षा और रोजगार के मुद्दे पर भी सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि परिवार शिक्षा के लिए बड़ी रकम खर्च करते हैं और बच्चों को डिग्री या सर्टिफिकेट मिलता है, लेकिन इसके बावजूद उन्हें नौकरी नहीं मिलती।उन्होंने पेपर लीक का आरोप लगाते हुए कहा कि मेहनत करने वाले छात्रों को नुकसान होता है और उनके अनुसार आर्थिक रूप से सक्षम उम्मीदवार परीक्षा में अनुचित लाभ हासिल कर लेते हैं।राहुल गांधी ने कहा कि युवा पढ़ाई और तैयारी में मेहनत करते हैं, पैसा खर्च करते हैं, लेकिन नौकरी नहीं मिलती।
मंच पर अभ्यर्थियों ने सुनाई अपनी आपबीती
राहुल गांधी के कार्यक्रम की शुरुआत में दो अभ्यर्थी मंच पर पहुंचे और उन्होंने अपने अनुभव साझा किए।राहुल गांधी ने छात्रों और अभ्यर्थियों से जुड़े मुद्दों को अपने संबोधन में प्रमुखता से उठाया और शिक्षा एवं रोजगार व्यवस्था में बदलाव की जरूरत बताई।
पटना के छात्रों ने राहुल गांधी को बताया लाठीचार्ज का अनुभव
कार्यक्रम के दौरान पटना से आए कुछ छात्रों ने राहुल गांधी को छात्र आंदोलन के दौरान हुए लाठीचार्ज के बारे में बताया।इस पर राहुल गांधी ने छात्रों से कहा कि बदलाव के लिए नफरत और हिंसा का रास्ता नहीं अपनाया जाना चाहिए। उन्होंने छात्रों से मोहब्बत के साथ व्यवस्था में बदलाव लाने की बात कही।राहुल गांधी इससे पहले भी छात्र आंदोलनों के संदर्भ में छात्रों के साथ अन्याय होने का आरोप लगा चुके हैं।
राहुल गांधी ने बीजेपी और आरएसएस पर लगाए आरोप
राहुल गांधी ने अपने संबोधन में भारतीय जनता पार्टी और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ को लेकर भी कई आरोप लगाए। उन्होंने बीजेपी पर चुनाव में ‘वोट चोरी’ कराने का आरोप लगाया और विभिन्न संस्थानों में आरएसएस से जुड़े लोगों की मौजूदगी का दावा किया।उन्होंने कहा कि उनके अनुसार देश में युवाओं के लिए रोजगार के अवसरों के रास्ते बंद किए जा रहे हैं।



