Jharkhand: मंत्री दीपिका पांडेय सिंह की बेटी तृषा सिंह पंचतत्व में विलीन, पिता रत्नेश ने दी मुखाग्नि

रांची: झारखंड सरकार की ग्रामीण विकास मंत्री दीपिका पांडेय सिंह की बेटी तृषा सिंह गुरुवार को पंचतत्व में विलीन हो गईं। रांची के सीठियो श्मशान घाट पर उनका अंतिम संस्कार किया गया। पिता रत्नेश सिंह ने बेटी को मुखाग्नि देकर अंतिम विदाई दी। इस दौरान परिवार के सदस्यों, जनप्रतिनिधियों और बड़ी संख्या में शुभचिंतकों की मौजूदगी में माहौल बेहद गमगीन रहा।
बेटी का पार्थिव शरीर देख बेसुध हुईं मंत्री दीपिका पांडेय सिंह
अंतिम संस्कार से पहले स्मार्ट सिटी स्थित मंत्री आवास पर तृषा का पार्थिव शरीर अंतिम दर्शन के लिए रखा गया था। बेटी को अंतिम बार देखते ही मंत्री दीपिका पांडेय सिंह और उनके पति रत्नेश सिंह भावुक हो गए। मौजूद परिजनों और शुभचिंतकों ने परिवार के सदस्यों को संभाला।इस दौरान विधायक कल्पना सोरेन भी मंत्री आवास पहुंचीं और दीपिका पांडेय सिंह के साथ रहीं। अंतिम यात्रा के दौरान भारी बारिश के बावजूद बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे।
अंतिम दर्शन के लिए मंत्री आवास पर जुटे लोग
सुबह से ही स्मार्ट सिटी स्थित मंत्री आवास पर परिजनों, रिश्तेदारों, जनप्रतिनिधियों, कांग्रेस नेताओं-कार्यकर्ताओं और शुभचिंतकों का पहुंचना शुरू हो गया था। महगामा और जमशेदपुर से परिवार के सदस्य भी रांची पहुंचे।कैबिनेट सचिव वंदना दादेल और कृषि सचिव अबू बकर सिद्दीकी समेत कई प्रशासनिक अधिकारियों ने भी मंत्री के आवास पहुंचकर शोक संवेदना व्यक्त की।
सीएम हेमंत सोरेन और कल्पना सोरेन ने जताई संवेदना
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन और विधायक कल्पना सोरेन भी दीपिका पांडेय सिंह के आवास पहुंचे। दोनों ने मंत्री और उनके परिवार से मुलाकात कर शोक संवेदना व्यक्त की। कुछ समय तक परिवार के साथ रहने के बाद वे वहां से रवाना हुए।मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने तृषा के निधन पर सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर शोक संदेश भी साझा किया। उन्होंने परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए दिवंगत तृषा की आत्मा की शांति की कामना की और संदेश के अंत में “अंतिम जोहार तृषा” लिखा।
सीठियो श्मशान घाट में पिता ने दी मुखाग्नि
दोपहर बाद तृषा सिंह की अंतिम यात्रा स्मार्ट सिटी स्थित मंत्री आवास से सीठियो श्मशान घाट के लिए निकली। श्मशान घाट पर परिवार के सदस्यों के अलावा मंत्री, विधायक, कांग्रेस नेता और कार्यकर्ता मौजूद रहे।भारी मन से पिता रत्नेश सिंह ने बेटी को मुखाग्नि दी। इसके साथ ही 18 वर्षीय तृषा की अंतिम यात्रा पूरी हुई। मौके पर मौजूद लोगों ने नम आंखों से उन्हें अंतिम विदाई दी।
जमशेदपुर में सड़क हादसे ने छीनी चार दोस्तों की जिंदगी
तृषा सिंह की मौत गुरुवार तड़के जमशेदपुर के सोनारी थाना क्षेत्र स्थित मरीन ड्राइव में हुए भीषण सड़क हादसे में हुई। हादसे में तृषा समेत चार युवाओं की मौत हो गई। मृतकों में वंशिका खंडेलवाल, नमन गुप्ता और सार्थक अग्रवाल भी शामिल थे। विभिन्न रिपोर्टों के अनुसार सभी कार्मेल जूनियर कॉलेज के छात्र थे।
खड़े ब्रेकडाउन ट्रेलर से टकराई कार
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, कार मरीन ड्राइव पर सड़क किनारे खड़े एक ब्रेकडाउन ट्रेलर के पीछे जा टकराई। टक्कर इतनी जोरदार थी कि कार ट्रेलर के पिछले हिस्से में बुरी तरह फंस गई। पुलिस और राहत दल ने गैस कटर की मदद से कार को काटकर शवों को बाहर निकाला।ट्रेलर बुधवार रात से खराब हालत में सड़क किनारे खड़ा था, ऐसी जानकारी पुलिस की ओर से सामने आई है। हादसे के कारणों की विस्तृत जांच की जा रही है।
हादसे की सूचना मिलते ही रांची पहुंचीं मंत्री
बेटी के हादसे में निधन की सूचना मिलने के बाद दीपिका पांडेय सिंह को तत्काल रांची लाने की व्यवस्था की गई। मौसम खराब होने के कारण यात्रा में बदलाव हुआ और वह विशेष विमान से रांची पहुंचीं। इसके बाद मंत्री आवास पर तृषा का पार्थिव शरीर अंतिम दर्शन के लिए रखा गया।
मंत्रिपरिषद की बैठक भी स्थगित
तृषा सिंह के निधन के बाद राज्य सरकार ने 25 सितंबर को प्रस्तावित मंत्रिपरिषद की बैठक स्थगित कर दी है। घटना के बाद राजनीतिक दलों के नेताओं और विभिन्न सामाजिक संगठनों की ओर से मंत्री दीपिका पांडेय सिंह और उनके परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त की गई है।



