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Jharkhand: मरीन ड्राइव हादसे पर सतबीर सिंह सुमो ने उठाए सवाल, कहा- सड़क सुरक्षा व्यवस्था की हो निष्पक्ष जांच

जमशेदपुर: मरीन ड्राइव पर सड़क किनारे खड़े ट्रेलर से कार की टक्कर में चार युवाओं की मौत के बाद भाजपा के वरिष्ठ नेता सतबीर सिंह सुमो ने सड़क सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने टाटा कंपनी और जिला प्रशासन से हादसे की निष्पक्ष जांच कराने तथा सड़क किनारे खराब या खड़े भारी वाहनों को लेकर जवाबदेही तय करने की मांग की है। पुलिस के अनुसार, गुरुवार तड़के करीब तीन बजे कार सड़क किनारे खड़े ट्रेलर से टकरा गई थी। हादसे में चार लोगों की मौत हुई है।

ट्रेलर को समय रहते हटाया क्यों नहीं गया?

सतबीर सिंह सुमो ने कहा कि यदि सड़क पर कोई वाहन खराब होकर खड़ा होता है तो उसे तत्काल क्रेन या रिकवरी वाहन की मदद से सुरक्षित स्थान पर हटाने की व्यवस्था होनी चाहिए। उन्होंने सवाल उठाया कि हादसे से पहले ट्रेलर कितनी देर से सड़क किनारे खड़ा था और इसकी जानकारी संबंधित एजेंसियों को थी या नहीं।उन्होंने कहा कि इस पूरे मामले की जांच कर यह स्पष्ट किया जाना चाहिए कि सड़क पर खड़े ट्रेलर को समय रहते हटाने के लिए क्या कार्रवाई की गई थी।

टोल वसूली के साथ सुरक्षा व्यवस्था की मांग

भाजपा नेता ने मरीन ड्राइव समेत प्रमुख सड़कों पर सुरक्षा और आपातकालीन सहायता की व्यवस्था को लेकर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि यदि किसी मार्ग पर टोल वसूला जाता है तो वहां सड़क सुरक्षा, खराब वाहनों को हटाने और आपात स्थिति में सहायता उपलब्ध कराने की व्यवस्था की जिम्मेदारी भी स्पष्ट होनी चाहिए।

भारी वाहनों की पार्किंग को लेकर उठाया मुद्दा

सुमो ने आरोप लगाया कि जमशेदपुर की कई प्रमुख सड़कों के किनारे भारी वाहन लंबे समय तक खड़े रहते हैं। उन्होंने मरीन ड्राइव, बर्मामाइंस, टिनप्लेट से बारीडीह और अन्य इलाकों का उल्लेख करते हुए कहा कि सड़क किनारे खड़े ट्रक और दूसरे भारी वाहन यातायात के लिए खतरा बन सकते हैं।उन्होंने भुईयांडीह बस स्टैंड से एमजीएम अस्पताल जाने वाले मार्ग समेत शहर के अन्य प्रमुख रास्तों पर भी भारी वाहनों की मौजूदगी का मुद्दा उठाया।

गड्ढों और खराब सड़क पर भी कार्रवाई की मांग

सतबीर सिंह सुमो ने शहर की सड़कों पर बने गड्ढों को लेकर भी प्रशासन से कार्रवाई की मांग की। उनका कहना है कि कई जगह सड़क की स्थिति खराब होने के कारण वाहन चालकों को अचानक दिशा बदलनी पड़ती है, जिससे दुर्घटना की आशंका बढ़ती है।उन्होंने सवाल उठाया कि चलती गाड़ियों का चालान काटने के साथ सड़क किनारे खड़े खतरनाक वाहनों और खराब सड़क की स्थिति पर भी निगरानी और कार्रवाई क्यों नहीं की जाती।

चार परिवारों के चिराग बुझ गए, अब जवाबदेही तय हो: सुमो

भाजपा नेता ने कहा कि हादसे में चार परिवारों ने अपने बच्चों को खोया है। ऐसे में केवल आश्वासन देने के बजाय सड़क सुरक्षा व्यवस्था की जिम्मेदारी तय की जानी चाहिए।उन्होंने टाटा कंपनी और जिला प्रशासन से यह स्पष्ट करने की मांग की कि हादसे के समय सड़क पर खड़ा ट्रेलर कितनी देर से था, उसकी सूचना किस स्तर पर थी और उसे हटाने के लिए क्या कदम उठाए गए थे।

भारी वाहनों के लिए निर्धारित पार्किंग की मांग

सुमो ने मरीन ड्राइव, गोलमुरी, टेल्को, टिनप्लेट, बर्मामाइंस और शहर के अन्य प्रमुख मार्गों पर भारी वाहनों के लिए निर्धारित पार्किंग या स्टैंड की व्यवस्था करने की मांग की। उन्होंने कहा कि सड़क किनारे खड़े वाहनों को तत्काल हटाया जाना चाहिए, ताकि यातायात सुचारू रहने के साथ दुर्घटनाओं का जोखिम भी कम हो।

कार्रवाई नहीं हुई तो जनआंदोलन की चेतावनी

सतबीर सिंह सुमो ने कहा कि जमशेदपुर की सड़कों को केवल बेहतर दिखने वाली बनाना पर्याप्त नहीं है, बल्कि उन्हें सुरक्षित बनाना भी जरूरी है। उन्होंने कहा कि लोगों की जान से बड़ा कोई टोल, व्यवस्था या संस्थागत दायित्व नहीं हो सकता।उन्होंने चेतावनी दी कि यदि प्रशासन और टाटा कंपनी की ओर से जल्द ठोस कदम नहीं उठाए गए तो इसके खिलाफ लोकतांत्रिक तरीके से जनआंदोलन किया जाएगा और जिम्मेदार अधिकारियों के समक्ष विरोध दर्ज कराया जाएगा।

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