Bihar: पटना में पूर्व वार्ड पार्षद अनिल यादव पर फायरिंग, पुलिस जांच में जुटी

पटना: राजधानी पटना के बुद्धा कॉलोनी थाना क्षेत्र के चकारम में बुधवार शाम पूर्व वार्ड पार्षद अनिल कुमार यादव पर अपराधियों ने गोलीबारी कर दी। वारदात में उन्हें कुल पांच गोलियां लगने की जानकारी सामने आई है। घटना के बाद गंभीर रूप से घायल अनिल यादव को तत्काल उदयन अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां डॉक्टरों की निगरानी में उनका इलाज चल रहा है।
कार्यालय के पास बैठे थे अनिल यादव, तभी हुई फायरिंग
बताया जा रहा है कि अनिल कुमार यादव चकराम रोड स्थित एक अपार्टमेंट के बेसमेंट में बैठे थे। इसी दौरान पैदल पहुंचे दो अपराधियों ने उन पर फायरिंग कर दी। अचानक हुई गोलीबारी से इलाके में अफरा-तफरी मच गई।वारदात को अंजाम देने के बाद दोनों आरोपी मौके से फरार हो गए। घटना की जानकारी मिलते ही आसपास के लोगों की भीड़ जुट गई और घायल अनिल यादव को अस्पताल पहुंचाया गया।
पांच गोलियां लगने की पुलिस ने दी जानकारी
अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी-01 विधि व्यवस्था कृष्ण मुरारी प्रसाद ने बताया कि अनिल कुमार यादव को गोली लगने की सूचना के बाद पुलिस अस्पताल पहुंची और डॉक्टरों से जानकारी ली।पुलिस अधिकारी के अनुसार, अनिल यादव को कुल पांच गोलियां लगी हैं। इनमें गोली बांह और पैर में लगी है। फिलहाल डॉक्टर उनकी निगरानी में इलाज और जांच कर रहे हैं।
उदयन अस्पताल में इलाज जारी
गोली लगने के बाद अनिल यादव को उदयन अस्पताल में भर्ती कराया गया। घटना की जानकारी मिलने के बाद उनके समर्थक और परिचित भी अस्पताल पहुंचने लगे। अस्पताल के बाहर लोगों की भीड़ जुट गई, जबकि परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।पुलिस अधिकारी के मुताबिक, फिलहाल डॉक्टरों की निगरानी में उनकी स्थिति पर नजर रखी जा रही है।
सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही पुलिस
फायरिंग की सूचना मिलते ही बुद्धा कॉलोनी थाना पुलिस मौके पर पहुंची और घटनास्थल की जांच शुरू की। पुलिस आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाल रही है, ताकि गोलीबारी करने वाले आरोपियों की पहचान की जा सके।पुलिस घटना के पीछे की वजह का भी पता लगाने में जुटी है। आरोपियों के भागने के रास्ते और वारदात से पहले उनकी गतिविधियों की जानकारी जुटाई जा रही है।
हमलावरों की पहचान में जुटी पुलिस
फिलहाल गोलीबारी की वजह स्पष्ट नहीं हो सकी है। पुलिस मामले के सभी पहलुओं की जांच कर रही है। अपराधियों की पहचान और गिरफ्तारी के लिए संभावित ठिकानों पर भी छापेमारी की जा सकती है।पुलिस का कहना है कि जांच के बाद ही फायरिंग के कारणों और घटना में शामिल आरोपियों के संबंध में स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।



