NewsUP INFACT

Uttar Pradesh: राहुल गांधी के खिलाफ मानहानि मामले में वॉयस सैंपल की मांग, कोर्ट ने जारी किया नोटिस

राहुल गाँधी के खिलाफ केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह पर कथित अभद्र टिप्पणी से जुड़े मानहानि मामले में नया मोड़ आ गया है। एमपी-एमएलए कोर्ट के विशेष सत्र न्यायाधीश राकेश ने राहुल गांधी का वॉयस सैंपल तलब करने की मांग वाली याचिका पर उत्तर प्रदेश सरकार और राहुल गांधी को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है।

मजिस्ट्रेट कोर्ट ने पहले खारिज की थी अर्जी

इससे पहले एमपी-एमएलए कोर्ट के मजिस्ट्रेट शुभम वर्मा ने राहुल गांधी का वॉयस सैंपल लेने संबंधी अर्जी को 2 मई को खारिज कर दिया था। याची पक्ष के अधिवक्ता संतोष पांडेय ने बताया कि निचली अदालत के आदेश को सत्र न्यायालय में चुनौती दी गई है।सेशन कोर्ट ने मामले में पक्षकारों को नोटिस जारी करते हुए सुनवाई की प्रक्रिया शुरू कर दी है। वहीं, सत्र न्यायालय में रिवीजन दाखिल होने के कारण ट्रायल कोर्ट ने मामले की अगली सुनवाई 17 जून तक स्थगित कर दी है।

2018 की जनसभा से जुड़ा विवाद

मामला वर्ष 2018 का है। भाजपा नेता विजय मिश्र ने आरोप लगाया था कि राहुल गांधी ने 8 मई 2018 को कर्नाटक के बेंगलुरु में आयोजित एक जनसभा के दौरान अमित शाह के खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणी की थी। इसी आरोप के आधार पर 4 अगस्त 2018 को राहुल गांधी के खिलाफ मानहानि का मुकदमा दर्ज कराया गया था।राहुल गांधी ने आरोपों को राजनीतिक दुर्भावना से प्रेरित बताते हुए कथित ऑडियो को फर्जी करार दिया था। इसके बाद वादी पक्ष ने उनका वॉयस सैंपल लेने की मांग की थी, जिसे मजिस्ट्रेट कोर्ट ने खारिज कर दिया था। अब इसी आदेश के खिलाफ सत्र न्यायालय में निगरानी रिवीजन दाखिल की गई है।

राहुल गांधी ने खुद को बताया निर्दोष

इस मामले में राहुल गांधी 20 फरवरी 2024 को अदालत में पेश हुए थे, जहां विशेष मजिस्ट्रेट ने उन्हें मुचलके पर जमानत दे दी थी। बाद में 26 जुलाई 2024 को उन्होंने एमपी-एमएलए कोर्ट में अपना बयान दर्ज कराया और खुद को निर्दोष बताया। राहुल गांधी ने इसे राजनीतिक साजिश करार दिया था।राहुल गांधी के बयान के बाद अदालत ने वादी पक्ष को साक्ष्य प्रस्तुत करने का निर्देश दिया था, जिसके तहत लगातार गवाह पेश किए जा रहे हैं। इससे पहले भी अदालत ने दंड प्रक्रिया संहिता की धारा 313 के तहत उनका बयान दर्ज किया था और उनसे अपनी बेगुनाही के समर्थन में साक्ष्य प्रस्तुत करने को कहा था।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button