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Jharkhand: नीट पेपर लीक के खिलाफ कांग्रेस का साकची से डीसी ऑफिस तक विशाल मार्च; शिक्षा मंत्री की बर्खास्तगी और दोषियों को आजीवन कारावास की मांग

जमशेदपुर: पूर्वी सिंहभूम जिला कांग्रेस कमिटी के तत्वावधान में आज ‘नीट’ परीक्षा पेपर लीक प्रकरण को लेकर केंद्र की भाजपा सरकार के खिलाफ एक विशाल और आक्रोशपूर्ण प्रदर्शन किया गया। जिलाध्यक्ष परविंदर सिंह के नेतृत्व में आयोजित इस आंदोलन के जरिए कांग्रेस ने पेपर लीक के कारण मानसिक अवसाद में आकर आत्महत्या करने वाले देश के होनहार छात्रों को न्याय दिलाने, दोषियों को सख्त सजा देने और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर जिला मुख्यालय पर जोरदार हुंकार भरी।

आमबगान मैदान से शुरू हुआ सैकड़ों कार्यकर्ताओं और छात्रों का हुजूम

आंदोलन की रणनीति के तहत दोपहर को साकची स्थित आमबगान मैदान में सैकड़ों की संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता, छात्र नेता और पीड़ित विद्यार्थी इकट्ठा हुए।आमबगान से शुरू हुआ यह विशाल काफिला पैदल मार्च करते हुए उपायुक्त (डीसी) कार्यालय पहुंचा। कलेक्ट्रेट परिसर के बाहर कांग्रेसी कार्यकर्ताओं ने भाजपा सरकार और नेशनल टेस्टिंग एजेंसी के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और प्रशासनिक अधिकारियों के माध्यम से महामहिम राष्ट्रपति के नाम एक मांग पत्र सौंपा।

“यह सिर्फ अनियमितता नहीं, युवाओं के भविष्य पर सीधा आघात है”— अशोक चौधरी

प्रदर्शन के दौरान जमशेदपुर पहुंचे पूर्व राज्यसभा सांसद डॉ. प्रदीप कुमार बलमुचू, प्रदेश उपाध्यक्ष अशोक चौधरी और पूर्व जिलाध्यक्ष आनंद बिहारी दुबे समेत तमाम कद्दावर नेताओं ने केंद्र सरकार की नीतियों को आड़े हाथों लिया। नेताओं ने संयुक्त बयान में कहा “नीट परीक्षा में हुआ भ्रष्टाचार केवल एक प्रशासनिक चूक या अनियमितता नहीं है, बल्कि यह देश की पूरी शिक्षा व्यवस्था, लाखों युवाओं के विश्वास और लोकतांत्रिक संस्थाओं की विश्वसनीयता पर सीधा आघात है। संगठित अपराध और पेपर लीक माफियाओं के कारण आज देश के 22 लाख मेहनती छात्रों का भविष्य अंधकारमय हो गया है।”नेताओं ने आगे कहा कि इस धांधली से आहत होकर कई होनहार छात्र-छात्राओं ने आत्महत्या जैसा आत्मघाती कदम उठाया है, जो पूरे देश के लिए अत्यंत पीड़ादायक और शर्मनाक है। देश का युवा आज खुद को ठगा हुआ महसूस कर रहा है।

कांग्रेस ने राष्ट्रपति से की ये 4 प्रमुख मांगें

जिला कांग्रेस कमिटी ने उपायुक्त के माध्यम से राष्ट्रपति को भेजे ज्ञापन में मुख्य रूप से निम्नलिखित मांगें उठाई हैं।

सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में जांच: संपूर्ण नीट घोटाले की निष्पक्ष जांच सर्वोच्च न्यायालय की निगरानी में सीबीआई या एक विशेष जांच दल ( से कराई जाए।

देशद्रोह का मुकदमा और उम्रकैद: पेपर लीक कांड में शामिल सभी दलालों, कोचिंग माफियाओं, रैकेट संचालकों और दोषी अधिकारियों पर देशद्रोह (Treason) के तहत मुकदमा चलाकर आजीवन कारावास की सजा सुनिश्चित की जाए।

पीड़ित परिवारों को मुआवजा और नौकरी: मानसिक प्रताड़ना के कारण आत्महत्या करने वाले छात्रों के परिवारों को न्याय देते हुए उन्हें उचित आर्थिक सहायता और सरकारी नौकरी प्रदान की जाए।

शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान की बर्खास्तगी: परीक्षा के संचालन में पूरी तरह विफल रही एजेंसी ‘एंटीए ‘ से परीक्षा लेने का अधिकार वापस लिया जाए और घोर लापरवाही के जिम्मेदार केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को पद से अविलंब बर्खास्त किया जाए।

जमशेदपुर कांग्रेस के ये प्रमुख चेहरे रहे शामिल

इस राष्ट्रव्यापी आक्रोश मार्च को जमशेदपुर धरातल पर सफल बनाने में पूर्व जिलाध्यक्ष रामाश्रय प्रसाद, रविन्द्र कुमार झा, बिजय यादव, बिजय खान समेत जिला कमिटी के तमाम पदाधिकारी, युवा कांग्रेस, छात्र संगठन एनएसयूआई के कार्यकर्ता और भारी संख्या में स्थानीय छात्र-छात्राएं उपस्थित थे।कांग्रेस नेतृत्व ने साफ किया कि जब तक देश के भावी डॉक्टरों और युवाओं को इस परीक्षा घोटाले में पूर्ण न्याय नहीं मिल जाता, तब तक उनका यह आंदोलन थमेगा नहीं।

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