
मेरठ : मेरठ की आईआईएमटी यूनिवर्सिटी के गर्ल्स हॉस्टल में बुधवार सुबह उस वक्त हड़कंप मच गया, जब एमबीए फाइनल ईयर की छात्रा अनु गुप्ता का लहूलुहान शव हॉस्टल परिसर में पाया गया। मूल रूप से सहारनपुर की रहने वाली अनु की मौत हॉस्टल की तीसरी मंजिल से नीचे गिरने के कारण हुई है। गिरने की रफ्तार इतनी तेज थी कि नीचे गिरते ही छात्रा का सिर फट गया और मौके पर ही उसकी सांसें टूट गईं।इस घटना के बाद से यूनिवर्सिटी प्रशासन के रवैये को लेकर छात्रों और परिजनों में तीखा आक्रोश है।
हॉस्टल की मेड ने सबसे पहले देखा खून से लथपथ शव
मिली जानकारी के अनुसार, बुधवार सुबह हॉस्टल की मेड (सफाईकर्मी) जब परिसर में पहुंची, तो उसने अनु गुप्ता को खून से लथपथ हालत में जमीन पर पड़ा देखा। मेड के शोर मचाने पर हॉस्टल वॉर्डन और अन्य स्टाफ मौके पर पहुंचे। आनन-फानन में अनु को नजदीकी अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने परीक्षण के बाद उसे मृत घोषित कर दिया।मृतका अनु गुप्ता के परिजनों ने बताया कि वह केवल एक दिन पहले यानी मंगलवार को ही सहारनपुर स्थित अपने घर से वापस मेरठ हॉस्टल लौटी थी।
“यूनिवर्सिटी ने छिपाया सच, हमें नहीं दी सूचना”— परिजनों का गंभीर आरोप
छात्रा की संदिग्ध मौत के बाद उसके मायके और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। उन्होंने यूनिवर्सिटी प्रबंधन पर मामले को दबाने और सच छिपाने का आरोप लगाया है। परिजनों का आरोप है कि सुबह जब अनु का शव मिला, तो विश्वविद्यालय प्रशासन ने उन्हें इस बात की कोई आधिकारिक सूचना नहीं दी। आज सुबह जब काफी देर तक अनु से फोन पर बात नहीं हो पाई, तो परिजनों को अनहोनी की आशंका हुई। उन्होंने जब अपने स्तर पर मेरठ में अन्य लोगों और हॉस्टल से जानकारी जुटाई, तब उन्हें पता चला कि उनकी बेटी अब इस दुनिया में नहीं है और वह छत से गिर गई है।
“यूनिवर्सिटी में भय का माहौल, टीचर्स का व्यवहार असामान्य”— छात्रों का दावा
अनु गुप्ता की संदिग्ध मौत की खबर जैसे ही कैंपस में फैली, यूनिवर्सिटी के सामान्य छात्र-छात्राएं पूरी तरह सकते में आ गए। छात्रों का आरोप है कि यूनिवर्सिटी के भीतर का माहौल बिल्कुल भी अच्छा नहीं है और वहां एक प्रकार का ‘भय का माहौल’ बना रहता है। प्रदर्शनकारी छात्रों ने यह गंभीर आरोप भी लगाया कि विश्वविद्यालय में शिक्षकों और स्टूडेंट्स के बीच का व्यवहार बिल्कुल असामान्य और तनावपूर्ण रहता है, जिसके कारण छात्र मानसिक दबाव में रहते हैं।
छात्र नेताओं ने सड़क जाम कर दी चेतावनी, मौके पर भारी पुलिस बल
आईआईएमटी में छात्रा की मौत की सूचना जैसे ही बाहर आई, चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय सहित कई अन्य छात्र यूनियनों के नेता भी मौके पर पहुंच गए। छात्र नेता विनीत चपराना की अगुवाई में सैकड़ों छात्रों ने यूनिवर्सिटी के मुख्य गेट पर सड़क जाम कर दी और प्रबंधन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। विनीत चपराना ने मीडिया से कहा, “यह मामला बेहद संगीन है। एक होनहार छात्रा की मौत इतनी संदिग्ध परिस्थितियों में हुई है, इसलिए इस पूरे मामले की जांच विश्वविद्यालय प्रशासन के प्रभाव से मुक्त होकर जिला पुलिस-प्रशासन को पूरी गंभीरता से करनी चाहिए।”उन्होंने पुलिस को चेतावनी देते हुए कहा कि यदि दोषियों पर तत्काल सख्त कार्रवाई नहीं हुई और जांच में पारदर्शिता नहीं बरती गई, तो मेरठ के तमाम छात्र सड़कों पर उतरकर उग्र आंदोलन के लिए मजबूर होंगे।
पुलिस की कार्रवाई और जांच के बिंदु
हंगामे की सूचना मिलते ही भारी संख्या में पुलिस बल मौके पर पहुंचा और प्रदर्शनकारी छात्रों को समझा-बुझाकर शांत कराने का प्रयास किया। एसपी देहात ने बताया कि पुलिस को घटनास्थल से फिलहाल कोई सुसाइड नोट बरामद नहीं हुआ है। पुलिस ने शव को पंचनामा भरकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। अधिकारियों ने आश्वासन दिया है कि मृतका के परिजनों की लिखित तहरीर (शिकायत) के आधार पर मर्डर, सुसाइड और रैगिंग सहित हर संभावित एंगल पर गहनता से जांच की जा रही है और किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा।



