रांची: गोइलकेरा के सागेन अंगरिया समेत दर्जनों इनामी नक्सलियों ने किया सरेंडर

पश्चिमी सिंहभूम और आसपास के इलाकों में सक्रिय कई इनामी नक्सलियों ने पुलिस और सुरक्षा एजेंसियों के समक्ष आत्मसमर्पण कर दिया है। इनमें सबसे बड़ा नाम गोइलकेरा के सांगाजाटा निवासी और पांच लाख रुपये के इनामी नक्सली सागेन अंगरिया का है।
सागेन अंगरिया पर 123 मामले दर्ज
पुलिस के अनुसार सागेन अंगरिया स्पेशल एरिया कमेटी मेंबर रहा है और उसके खिलाफ विभिन्न थानों में कुल 123 मामले दर्ज हैं। उस पर पुलिस मुठभेड़, जवानों की हत्या, लेवी वसूली और विस्फोट जैसी गंभीर घटनाओं में शामिल होने के आरोप हैं।
कई बड़े इनामी नक्सलियों ने भी किया आत्मसमर्पण
आत्मसमर्पण करने वालों में कई बड़े नक्सली नेता और सक्रिय कैडर शामिल हैं, जिनमें
करण तियू (गोइलकेरा, चाईबासा) – 2 लाख इनामी, 29 मामले
गादी मुण्डा उर्फ गुलशन (बुंडू, रांची) – 5 लाख इनामी, 48 मामले
नागेंद्र मुण्डा उर्फ प्रभात मुण्डा (अड़की, खूंटी) – 5 लाख इनामी, 38 मामले
रेखा मुण्डा उर्फ जयंती (बुंडू, रांची) – 5 लाख इनामी, 18 मामले
सुलेमान हांसदा उर्फ सुनी हांसदा (छोटानगरा, चाईबासा) – 5 लाख इनामी, 13 मामले
बासुमती जेराई उर्फ बासू (किरीबुरू, चाईबासा) – 1 लाख इनामी, 14 मामले
रघु कायम उर्फ गुणा (चाईबासा) – 19 मामले
किशोर सिरका उर्फ दुर्गा सिरका (टोंटो) – 11 मामले
13 सक्रिय कैडरों ने भी छोड़ा नक्सल संगठन
इसके अलावा 13 सक्रिय नक्सली कैडरों ने भी आत्मसमर्पण किया। इनमें वंदना उर्फ शांति, सुनिता सरदार, डांगुर बोइपाई, बसंती देवगम, मुन्नीराम मुण्डा, अनिशा कोड़ा उर्फ रानी, सपना उर्फ सुरू कालुंडिया, सुसारी उर्फ दसमा कालुंडिया, बिरसा कोड़ा उर्फ हरिसिंह समेत अन्य शामिल हैं।
सुरक्षा एजेंसियों के लिए बड़ी सफलता
झारखंड में नक्सल विरोधी अभियान के बीच इतने बड़े स्तर पर आत्मसमर्पण को सुरक्षा एजेंसियों की बड़ी सफलता माना जा रहा है। माना जा रहा है कि लगातार चल रहे ऑपरेशन और दबाव के कारण नक्सली संगठन कमजोर पड़ रहे हैं।



