Jharkhand: बोकारो के गोमिया में जमीन से निकली आग की लपटें, बारिश के बीच पानी में उठ रहे बुलबुले

बोकारो। झारखंड के बोकारो जिले के गोमिया प्रखंड में जमीन के अंदर से आग की लपटें निकलने का हैरान करने वाला मामला सामने आया है। बांध पंचायत के पलानी झिरकी हरिजन टोला के समीप खुले मैदान में जमीन के भीतर से बुलबुलों के साथ आग निकलती दिखाई दे रही है। बारिश के पानी के बीच भी लगातार तेज बुलबुले उठने और पानी के खौलने जैसे हालात ने स्थानीय लोगों की चिंता बढ़ा दी है।घटना का वीडियो और तस्वीरें सामने आने के बाद इलाके में चर्चा के साथ-साथ लोगों में भय का माहौल है। स्थानीय लोगों को आशंका है कि जमीन के नीचे से किसी ज्वलनशील गैस का रिसाव हो रहा है।
बारिश के बीच भी जमीन से उठ रहे बुलबुले
स्थानीय लोगों के मुताबिक, खुले मैदान में अचानक जमीन के अंदर से गैस निकलने लगी और उसके संपर्क में आने के बाद आग की लपटें दिखाई देने लगीं। हैरानी की बात यह है कि बारिश के बावजूद जमीन के आसपास जमा पानी में लगातार बुलबुले बन रहे हैं।लोगों का कहना है कि यदि वास्तव में जमीन के नीचे ज्वलनशील गैस का रिसाव हो रहा है, तो यह स्थिति गंभीर खतरा पैदा कर सकती है।
मौके पर पहुंची दमकल की टीम
घटना की सूचना मिलने के बाद दमकल की टीम मौके पर पहुंची और आग पर काबू पाने का प्रयास किया। हालांकि, जमीन के भीतर से आग निकलने की वास्तविक वजह अभी स्पष्ट नहीं हो सकी है। मामले की सही जानकारी विशेषज्ञों की जांच के बाद ही सामने आने की उम्मीद है।
लोगों और मवेशियों की आवाजाही से बढ़ा खतरा
स्थानीय लोगों के अनुसार, जिस इलाके में यह घटना सामने आई है, वहां लोगों और मवेशियों की लगातार आवाजाही रहती है। ऐसे में यदि जमीन के नीचे किसी ज्वलनशील गैस का रिसाव हो रहा है, तो आग लगने या किसी बड़े हादसे की आशंका बनी हुई है।ग्रामीणों ने प्रशासन से तत्काल घटनास्थल को सुरक्षित करने और लोगों की आवाजाही नियंत्रित करने की मांग की है।
गोमिया में पहले भी सामने आ चुकी हैं गैस रिसाव की घटनाएं
बताया जा रहा है कि गोमिया और आसपास के क्षेत्रों में जमीन के भीतर से गैस निकलने की घटनाएं पहले भी सामने आती रही हैं। लतकुट्टा, स्वांग हजारी और खुदगड़ा समेत कई इलाकों में चापाकल या बोरिंग के दौरान जमीन के अंदर से गैस निकलने और बाद में आग लगने की घटनाएं सामने आने की बात कही जाती रही है।
सीसीएल खदान और ओएनजीसी की गतिविधियों के बीच बढ़ी चिंता
पलानी झिरकी की घटना को भी इसी संदर्भ में गंभीर माना जा रहा है। इलाके में सीसीएल की कोयला खदानें मौजूद हैं, जबकि गोमिया क्षेत्र में ओएनजीसी की गतिविधियां और प्लांट भी हैं। इसी वजह से स्थानीय लोग आशंका जता रहे हैं कि जमीन के भीतर से निकलने वाली गैस का संबंध कोयला क्षेत्र या प्राकृतिक गैस के भंडार से हो सकता है।
हालांकि, अभी यह केवल स्थानीय लोगों की आशंका है। गैस की प्रकृति और आग लगने के वास्तविक कारण की पुष्टि विशेषज्ञों की वैज्ञानिक जांच के बाद ही हो सकेगी।
आखिर कौन सी गैस निकल रही है? जांच के बाद होगा खुलासा
फिलहाल सबसे बड़ा सवाल यही है कि जमीन के भीतर से कौन सी गैस निकल रही है और बारिश के बीच भी आग की लपटें क्यों दिखाई दे रही हैं। प्रशासन और संबंधित विशेषज्ञों की जांच से ही पूरे मामले की वास्तविक वजह सामने आएगी।स्थानीय लोगों ने प्रशासन से तत्काल वैज्ञानिक जांच कराने, संभावित गैस रिसाव की पुष्टि करने और घटनास्थल को सुरक्षित क्षेत्र घोषित करने की मांग की है, ताकि किसी बड़े हादसे को समय रहते रोका जा सके।



