Jharkhand: रेल सिविल डिफेंस ने 90 नव नियुक्त लोको पायलटों को दिया आपदा प्रबंधन और फायर सेफ्टी का प्रशिक्षण

जमशेदपुर: रेल सिविल डिफेंस की ओर से इलेक्ट्रिक लोको पायलट ट्रेनिंग सेंटर में रेलवे भर्ती बोर्ड के माध्यम से चयनित 90 नव नियुक्त लोको पायलटों के लिए आपदा प्रबंधन एवं फायर सेफ्टी पर विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। प्रशिक्षण का उद्देश्य रेल कर्मियों को आपातकालीन परिस्थितियों से प्रभावी ढंग से निपटने के लिए तैयार करना था।
अलीगंज अग्निकांड से सबक लेने पर दिया जोर
प्रशिक्षण के दौरान रेल सिविल डिफेंस इंस्पेक्टर संतोष कुमार ने हाल ही में लखनऊ के अलीगंज स्थित ट्रेनिंग सेंटर में फायर सेफ्टी मानकों की अनदेखी के कारण हुई दर्दनाक घटना का उल्लेख करते हुए कहा कि ऐसी घटनाएं पूरे सिस्टम के लिए चेतावनी हैं और उनसे सबक लेने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि किसी भी संस्थान में अग्नि सुरक्षा नियमों का पालन अत्यंत आवश्यक है।
आग की प्रकृति पहचानकर करें अग्निशमन
संतोष कुमार ने प्रशिक्षण के दौरान बताया कि आग लगने पर लोग अक्सर बिना स्थिति का आकलन किए पानी का इस्तेमाल करने लगते हैं, जबकि हर प्रकार की आग पर पानी डालना सुरक्षित नहीं होता।उन्होंने बताया कि बी क्लास फायर (तेल या ज्वलनशील तरल पदार्थ से लगी आग) पर पानी का प्रयोग नहीं करना चाहिए।सी क्लास फायर (बिजली से लगी आग) में भी पानी का उपयोग खतरनाक हो सकता है।डी क्लास फायर (धातु में लगी आग) पर भी पानी का इस्तेमाल नहीं करना चाहिए।उन्होंने कहा कि आग के प्रकार और धुएं के रंग की पहचान कर उपयुक्त फायर एक्सटिंग्विशर या अन्य अग्निशमन उपकरण का उपयोग करना चाहिए। गलत तरीके से आग बुझाने का प्रयास कई बार बड़ी दुर्घटनाओं का कारण बन सकता है।
सीपीआर और फायर एक्सटिंग्विशर का कराया गया व्यावहारिक अभ्यास
प्रशिक्षण के दौरान ट्रेन में आग लगने के संभावित कारणों, इंजन में आग लगने की स्थितियों और उनसे बचाव के उपायों की जानकारी भी दी गई। वहीं, डेमोंस्ट्रेटर शंकर कुमार प्रसाद ने प्रतिभागियों को सीपीआर (कार्डियो पल्मोनरी रिससिटेशन) तथा फायर एक्सटिंग्विशर के सही उपयोग का व्यावहारिक प्रशिक्षण भी दिया।
चार मंडलों के 90 लोको पायलट हुए प्रशिक्षित
इस प्रशिक्षण कार्यक्रम में दक्षिण पूर्व रेलवे के रांची, आद्रा, चक्रधरपुर और खड़गपुर मंडलों से रेलवे भर्ती बोर्ड के माध्यम से नियुक्त कुल 90 नव नियुक्त लोको पायलटों ने भाग लिया। प्रशिक्षण के अंत में सभी प्रतिभागियों को आपदा की स्थिति में त्वरित, सुरक्षित और प्रभावी कार्रवाई करने के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।



