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Jharkhand: सेना भर्ती के नाम पर ₹70 लाख की ठगी, मिलिट्री इंटेलिजेंस के इनपुट पर सरगना गिरफ्तार

रांची: राजधानी रांची में मिलिट्री इंटेलिजेंस और स्थानीय पुलिस के साझा ऑपरेशन में सेना बहाली के नाम पर फर्जीवाड़ा करने वाले गिरोह का उद्भेदन हुआ है। पुलिस ने ₹70 लाख से अधिक की ठगी करने वाले गिरोह के मुख्य आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। यह गिरोह भोले-भले युवाओं को भारतीय सेना और MES विभाग में नौकरी दिलाने का लालच देकर अपना शिकार बनाता था।

लखनऊ मिलिट्री इंटेलिजेंस और रांची पुलिस का साझा ऑपरेशन

ठगी के इस बड़े खेल का खुलासा लखनऊ मिलिट्री इंटेलिजेंस के एक विशेष इनपुट के बाद हुआ।सूचना की गंभीरता को देखते हुए रांची एसएसपी ने सिटी एसपी के नेतृत्व में एक विशेष जांच टीम का गठन किया।एसआईटी ने रांची के चुटिया थाना क्षेत्र अंतर्गत शारदा कॉलोनी (वॉटर पॉइंट के समीप) स्थित एक किराए के मकान में दबिश दी।

सासाराम से रांची तक फैला जाल

गिरफ्तार आरोपी की पहचान अरविंद प्रसाद (पिता: राजेंद्र प्रसाद) के रूप में हुई है।आरोपी मूल रूप से बिहार के सासाराम का रहने वाला है। गिरफ्तारी से बचने के लिए वह अपना नाम और पता बदलकर रांची के चुटिया इलाके में किराए के मकान में रह रहा था।

फर्जी दस्तावेज और साक्ष्य बरामद

छापेमारी के दौरान पुलिस ने आरोपी के पास से कई चौंकाने वाले साक्ष्य बरामद किए हैं।पुलिस को आरोपी के पास से सेना में भर्ती से जुड़े जाली जॉइनिंग लेटर, आई-कार्ड और कई महत्वपूर्ण दस्तावेज मिले हैं।शुरुआती जांच में पता चला है कि आरोपी अब तक विभिन्न युवकों से करीब ₹70 लाख रुपये वसूल चुका है।

युवाओं के लिए चेतावनी

रांची पुलिस ने इस कार्रवाई के बाद बेरोजगार युवाओं से अपील की है कि वे सेना या किसी भी सरकारी विभाग में भर्ती के लिए बिचौलियों और ऐसे फर्जी गिरोहों के झांसे में न आएं। सेना की बहाली प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी है और केवल आधिकारिक माध्यमों से ही की जाती है।

पुलिस की अगली कार्रवाई

पुलिस अब यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि इस गिरोह में और कौन-कौन लोग शामिल हैं और क्या इसके तार लखनऊ या बिहार के अन्य जिलों से भी जुड़े हैं। फिलहाल, आरोपी अरविंद प्रसाद से गहन पूछताछ जारी है।

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