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Jharkhand: 227 KG का ‘विशालकाय बम’ अब सेना के कब्जे में,डिफ्यूजन के दौरान कलईकुंडा एयरबेस से उड़ानों पर रोक

बहरागोड़ा : पूर्वी सिंहभूम जिले के बहरागोड़ा थाना क्षेत्र अंतर्गत पानीपड़ा नागुडसाई में पिछले नौ दिनों से कौतूहल और दहशत का पर्याय बना शक्तिशाली बम आखिरकार मंगलवार को भारतीय सेना के पूर्ण नियंत्रण में आ गया। लगभग 227 किलोग्राम वजनी इस अत्यंत संवेदनशील और विशालकाय बम को सुरक्षित तरीके से निष्क्रिय करने के लिए सेना की विशेषज्ञ टीम ने मोर्चा संभाल लिया है।

सैन्य विशेषज्ञों की टीम और वैज्ञानिक आकलन

मंगलवार को भारतीय सेना के लेफ्टिनेंट कर्नल धर्मेंद्र सिंह और कैप्टन आयुष कुमार सिंह के नेतृत्व में एक उच्चस्तरीय विशेषज्ञ दल घटनास्थल पर पहुँचा। सैन्य अधिकारियों ने बम के वजन, उसकी मारक क्षमता और वर्तमान स्थिति का वैज्ञानिक रूप से सूक्ष्म आकलन किया।विशेषज्ञों के अनुसार, यह बम दशकों पुराना होने के बावजूद सक्रिय अवस्था में है और इसकी मारक क्षमता अत्यंत विनाशकारी हो सकती है।

‘बंकर तकनीक’ से होगा नियंत्रित विस्फोट

ऑपरेशन की संवेदनशीलता को देखते हुए भारतीय सेना ‘बंकर तकनीक’ का उपयोग कर रही है, ताकि विस्फोट के दौरान जान-माल का नुकसान न हो। बम के चारों ओर बालू से भरी बोरियों की ऊँची दीवारें खड़ी की गई हैं।ज़मीन के अंदर एक गहरा और विशेष गड्ढा तैयार किया गया है, ताकि नियंत्रित विस्फोट का दबाव और मलबा ज़मीन के भीतर ही अवशोषित हो सके।इस तकनीक से आसपास के घरों या संरचनाओं में कंपन का खतरा न्यूनतम रहेगा।

सुरक्षा के कड़े इंतजाम: एयरफोर्स और प्रशासन अलर्ट

प्रशासन और सेना ने पूरे एक किलोमीटर के दायरे को अभेद्य किले में तब्दील कर दिया है।ऑपरेशन के दौरान सुरक्षा कारणों से कलईकुंडा एयरफोर्स स्टेशन से लड़ाकू विमानों का परिचालन पूरी तरह से बंद रखने का निर्देश दिया गया है। घटनास्थल से 1 किमी के दायरे को पूरी तरह सील कर दिया गया है। किसी भी नागरिक या मवेशी के प्रवेश पर सख्त पाबंदी है।

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