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Bengal: पहली कैबिनेट बैठक में बीएसएफ को जमीन, आयुष्मान भारत लागू और सरकारी नौकरियों में 5 साल की छूट

कोलकाता : मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी के नेतृत्व में पश्चिम बंगाल की नई कैबिनेट की पहली बैठक सोमवार को संपन्न हुई। बैठक के बाद सीएम ने स्पष्ट किया कि उनकी सरकार “अहम” पर नहीं बल्कि “नीति” पर चलेगी। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘भय आउट-भरोसा इन’ मंत्र को अपनी प्राथमिकता बताया।

सीमा सुरक्षा: बीएसएफ को मिलेगी जमीन


पिछली सरकार और केंद्र के बीच लंबे समय से चल रहे टकराव को खत्म करते हुए सीएम ने सीमा सुरक्षा पर बड़ा फैसला लिया। सीमा सुरक्षा बल को बॉर्डर पर बुनियादी ढांचे के लिए आवश्यक जमीन 45 दिनों के भीतर सौंप दी जाएगी। मुख्य सचिव और भूमि सचिव को इस प्रक्रिया को समय सीमा में पूरा करने का सख्त आदेश दिया गया है।

केंद्रीय योजनाओं का द्वार खुला

मुख्यमंत्री ने बंगाल को विकास की मुख्यधारा से जोड़ने के लिए केंद्र की सभी प्रमुख योजनाओं को राज्य में लागू करने की घोषणा की। अब बंगाल के नागरिक भी ‘पीएम जन आरोग्य योजना’ का लाभ उठा सकेंगे। पीएम किसान बीमा, पीएम श्री, विश्वकर्मा योजना, बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ और उज्ज्वला योजना को सक्रिय रूप से राज्य में प्रभावी बनाया जाएगा।

युवाओं और छात्रों के लिए बड़ी राहत

राज्य के बेरोजगार युवाओं के लिए मुख्यमंत्री ने एक बड़ी घोषणा की। सरकारी नौकरी के लिए आवेदन की अधिकतम आयु सीमा में 5 साल की बढ़ोतरी कर दी गई है। प्रशासनिक सुधारों के साथ ही पारदर्शी भर्ती प्रक्रिया सुनिश्चित करने का संकल्प लिया गया है।

प्रशासनिक और कानूनी सुधार


राज्य की कानून व्यवस्था को पूरी तरह से भारतीय न्याय संहिता के अनुरूप ढाला जाएगा।गृह मंत्रालय के 16 जून 2025 के जनगणना संबंधी निर्देशों को तुरंत प्रभावी कर दिया गया है, जिसे पिछली सरकार ने रोक रखा था। राज्य के आईएएस अधिकारियों को अब केंद्रीय प्रशिक्षण कार्यक्रमों से जोड़ा जाएगा।

राजनीतिक हिंसा पर कड़ा रुख

बैठक में मुख्यमंत्री ने भाजपा के उन 321 कार्यकर्ताओं को श्रद्धांजलि दी जिन्होंने संघर्ष के दौरान अपनी जान गंवाई। सीएम ने स्पष्ट किया कि राज्य में अब राजनीतिक हत्याओं के लिए कोई जगह नहीं है और ऐसी घटनाओं में शामिल लोगों पर कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

कैबिनेट बैठक के मुख्य चेहरे

इस पहली ऐतिहासिक बैठक में मुख्यमंत्री के साथ अग्निमित्रा पॉल, खुदीराम टुडू, अशोक कीर्तनिया और निशित प्रामाणिक जैसे प्रमुख नेता उपस्थित रहे।

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