Bengal: आरजी कर केस में सीबीआई ने नर्स का मोबाइल किया जब्त, कॉल रिकॉर्ड और डिलीट डेटा की होगी फॉरेंसिक जांच

कोलकाता: बहुचर्चित आरजी कर मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल में महिला प्रशिक्षु डॉक्टर के साथ दुष्कर्म और हत्या के मामले में जांच एक बार फिर तेज हो गई है। मामले के करीब दो साल बाद सीबीआई ने एक नर्स का मोबाइल फोन जब्त कर उसकी फॉरेंसिक जांच शुरू की है। जांच एजेंसी फोन से कॉल रिकॉर्ड, डिलीट किए गए डेटा और अन्य डिजिटल साक्ष्यों को खंगाल रही है।
नर्स के फोन पर क्यों है जांच एजेंसी की नजर?
जांचकर्ताओं का मुख्य फोकस इस बात पर है कि घटना के तुरंत बाद नर्स ने पीड़िता के परिवार से किसके निर्देश पर और किस उद्देश्य से संपर्क किया था।सीबीआई यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि घटना वाले दिन और उसके बाद नर्स के मोबाइल से किन-किन नंबरों पर बातचीत हुई। इसके अलावा कॉल की अवधि, इनकमिंग कॉल के स्रोत और घटना के बाद फोन से किए गए अन्य संपर्कों की भी जांच की जा रही है।
जांच का एक अहम सवाल यह है कि क्या नर्स ने किसी अधिकारी के कहने पर पीड़िता के परिवार को फोन किया था या यह उसका व्यक्तिगत निर्णय था। जांचकर्ता यह भी पता लगाने में जुटे हैं कि फोन करने से पहले उसने किसी से सलाह ली थी या कॉल के बाद किसी अन्य व्यक्ति से संपर्क किया था।
डिलीट डेटा रिकवर करने में जुटे फॉरेंसिक विशेषज्ञ
फॉरेंसिक विशेषज्ञ जब्त मोबाइल फोन से डिलीट किए गए डेटा को रिकवर करने का प्रयास कर रहे हैं। जांच एजेंसी को उम्मीद है कि फोन से मिलने वाले डिजिटल साक्ष्यों से घटना के बाद की गतिविधियों और संपर्कों को समझने में मदद मिल सकती है।
मामले में राजनीतिक स्तर पर भी नया मोड़
इस बीच मामले को लेकर राजनीतिक स्तर पर भी नया घटनाक्रम सामने आया है। मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने रविवार को घोषणा की कि मृत डॉक्टर की मां, जो अब भाजपा विधायक हैं, के अनुरोध पर मामले की नए सिरे से जांच कराई जाएगी।उन्होंने बताया कि मुख्य सचिव और विशेषज्ञों के साथ चर्चा के बाद स्पेशल कमीशन एक्ट, 1952 के तहत जांच का नया चरण शुरू किया जा रहा है।
पुलिस की पिछली कार्रवाई पर उठे सवाल
मुख्यमंत्री ने पिछली पुलिस कार्रवाई पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि पुलिस अपने कर्तव्य के पालन में विफल रही थी। इसके साथ ही पीड़िता के अंतिम संस्कार के दौरान कथित लापरवाही की भी अलग से जांच के आदेश दिए गए हैं।उन्होंने कहा कि जिम्मेदार पाए जाने वाले लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
जांच आगे बढ़ने से न्याय की उम्मीदें बढ़ीं
मोबाइल फोन की फॉरेंसिक जांच और नए सिरे से जांच की घोषणा के बाद आरजी कर मामले में एक बार फिर राजनीतिक और कानूनी हलचल तेज हो गई है। अब जांच एजेंसियों की नजर डिजिटल साक्ष्यों और घटना के बाद हुए संपर्कों पर है।



