Jharkhand: टाटा स्टील यूएसआईएल के ठेका मजदूरों ने बोनस व छुट्टी के भुगतान पर उठाए सवाल; एटक ने पे-स्लिप देने की मांग की

जमशेदपुर: जमशेदपुर में टाटा स्टील यूएसआईएल के ठेका प्रतिष्ठान मेसर्स मां भगवती इंटरप्राइजेज में कार्यरत सफाई मजदूरों ने बोनस और छुट्टी के बकाया पैसों के भुगतान को लेकर पारदर्शिता का मुद्दा उठाया है। एटक के महासचिव अंकुश ठाकुर ने बताया कि ठेका प्रबंधन ने अप्रैल 2025 से मार्च 2026 तक की अवधि का बकाया बोनस और छुट्टी का पैसा मजदूरों के बैंक खातों में बिना किसी पूर्व सूचना या विवरण के भेज दिया है।भुगतान की गई राशि की सही और स्पष्ट जानकारी नहीं होने के कारण मजदूरों ने इसकी पारदर्शिता पर संदेह जताया है।
8 वर्षों से दे रहे सेवा, खाते में बिना विवरण पहुंची राशि
मजदूरों के अनुसार, वे पिछले करीब 8 वर्षों से टाटा स्टील यूएसआईएल में विभिन्न ठेकेदारों के माध्यम से साफ-सफाई का कार्य लगातार करते आ रहे हैं। ठेका प्रबंधन द्वारा हाल ही में उनके खातों में राशि तो ट्रांसफर कर दी गई, लेकिन किस मजदूर को किस मद में कितनी राशि दी गई है, इसकी कोई जानकारी नहीं दी गई।मजदूरों का कहना है कि जब तक उन्हें भुगतान की पूरी पर्ची (पेमेंट स्लिप) नहीं मिलती, तब तक यह तय करना असंभव है कि उन्हें नियमानुसार पूरा बोनस और छुट्टी का पैसा मिला है या नहीं।
‘पेमेंट स्लिप’ और विस्तृत ब्योरा देने की मांग
मजदूरों और एटक नेतृत्व ने संबंधित अधिकारियों तथा श्रम विभाग से मामले में तुरंत हस्तक्षेप करने की मांग की है। ठेका प्रबंधन को कड़ा निर्देश दिया जाए कि वह प्रत्येक मजदूर के खाते में भेजी गई राशि का पूरा ब्योरा लिखित रूप से उपलब्ध कराए।सभी मजदूरों को स्पष्ट पेमेंट स्लिप दी जाए जिसमें बोनस, लीव एनकैशमेंट और अन्य बकायों का अलग-अलग विवरण दर्ज हो।यदि हिसाब के बाद किसी मजदूर की राशि बकाया निकलती है, तो प्रबंधन से उसका तुरंत भुगतान कराया जाए।



