Delhi: लाल कृष्ण आडवाणी के सीने में इंफेक्शन की शिकायत, अपोलो हॉस्पिटल में चल रहा इलाज

नई दिल्ली: भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता और पूर्व उप प्रधानमंत्री लालकृष्ण आडवाणी को शुक्रवार को दिल्ली के अपोलो अस्पताल में भर्ती कराया गया। सामने आई जानकारी के मुताबिक, उन्हें सीने में संक्रमण और उम्र से जुड़ी स्वास्थ्य समस्याओं के उपचार के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है। फिलहाल उनका इलाज जारी है। अस्पताल की ओर से विस्तृत स्वास्थ्य अपडेट का इंतजार है।
98 साल के हैं लालकृष्ण आडवाणी, नवंबर में मनाएंगे 99वां जन्मदिन
लालकृष्ण आडवाणी 98 वर्ष के हैं और आगामी 8 नवंबर को अपना 99वां जन्मदिन मनाने वाले हैं। वह दिल्ली के 30, पृथ्वीराज रोड स्थित आवास पर रहते हैं।इससे पहले दिसंबर 2024 में भी आडवाणी को अपोलो अस्पताल की गहन चिकित्सा इकाई में भर्ती कराया गया था। उस समय उन्हें चिकित्सा मूल्यांकन और स्वास्थ्य संबंधी जांच के लिए अस्पताल में भर्ती किए जाने की जानकारी सामने आई थी।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हाल ही में की थी मुलाकात
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हाल ही में लालकृष्ण आडवाणी के आवास पर जाकर उनसे मुलाकात की थी और उनका आशीर्वाद लिया था। यह मुलाकात सार्वजनिक जीवन में प्रधानमंत्री मोदी के 25 वर्ष पूरे होने के अवसर पर हुई थी।प्रधानमंत्री ने सोशल मीडिया मंच X पर पोस्ट कर कहा था कि आडवाणी जी से उनके आवास पर मुलाकात कर आशीर्वाद लिया। उन्होंने आडवाणी के दशकों लंबे सार्वजनिक जीवन और राष्ट्रीय जीवन में उनके योगदान को महत्वपूर्ण बताया था।
बीजेपी की स्थापना से लेकर उप प्रधानमंत्री बनने तक का सफर
लालकृष्ण आडवाणी भारतीय राजनीति के प्रमुख नेताओं में गिने जाते हैं। वर्ष 1980 में उन्होंने अटल बिहारी वाजपेयी के साथ भारतीय जनता पार्टी की स्थापना में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। वह पार्टी के सबसे लंबे समय तक अध्यक्ष रहने वाले नेताओं में शामिल रहे।उनके नेतृत्व में बीजेपी ने राष्ट्रीय राजनीति में अपनी स्थिति मजबूत की। वर्ष 1984 के लोकसभा चुनाव में पार्टी को केवल दो सीटें मिली थीं, जबकि 1998 में उसने 182 सीटें हासिल कीं।आडवाणी वर्ष 1989 से लोकसभा के सदस्य रहे और अपने राजनीतिक जीवन में सात बार लोकसभा पहुंचे। उन्होंने ज्यादातर समय गांधीनगर लोकसभा सीट का प्रतिनिधित्व किया।
गृह मंत्री और उप प्रधानमंत्री के रूप में निभाई जिम्मेदारी
लालकृष्ण आडवाणी ने वर्ष 1998 से 2004 तक केंद्रीय गृह मंत्री के रूप में काम किया। इसके बाद वर्ष 2002 से 2004 तक उन्होंने भारत के उप प्रधानमंत्री की जिम्मेदारी संभाली।उनके लंबे राजनीतिक जीवन और सार्वजनिक योगदान के लिए वर्ष 2024 में उन्हें देश के सर्वोच्च नागरिक सम्मान भारत रत्न से सम्मानित किया गया था।



