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Jharkhand: श्मशान घाट के विरोध के बाद युवक को धमकी देने और चापड़ लेकर दौड़ाने का आरोप, सुरक्षा की गुहार

चांडिल। चांडिल अनुमंडल क्षेत्र के कटिया पुनर्वास निवासी आदिवासी युवक जगन्नाथ किस्कू ने अपनी और अपने परिवार की जान-माल की सुरक्षा को लेकर चांडिल थाना से लेकर जिला प्रशासन तक गुहार लगाई है। युवक ने गांव के कुछ लोगों पर श्मशान घाट का विरोध करने के कारण प्रताड़ित करने, गाली-गलौज करने और धारदार हथियार लेकर हमला करने की कोशिश करने का आरोप लगाया है। पीड़ित ने मामले में निष्पक्ष जांच कर सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की है।पीड़ित जगन्नाथ किस्कू के अनुसार, वह डैम से विस्थापित होकर कटिया पुनर्वास क्षेत्र में रहता है। उसने बताया कि श्मशान घाट को लेकर गांव के लोगों के साथ विरोध किया गया था। आरोप है कि इसके बाद कुछ लोगों ने विस्थापित परिवारों को 12.30 डिसमिल जमीन के भीतर ही रहने और बाहर नहीं निकलने की बात कही।युवक का आरोप है कि 29 तारीख को शौच के लिए बाहर जाते समय उसे रास्ते में रोककर गाली-गलौज की गई। साथ ही विस्थापित क्षेत्र से बाहर नहीं निकलने देने की धमकी दी गई। पीड़ित के मुताबिक, यह सिलसिला तीन से चार दिनों तक चलता रहा, जिसके बाद वह दूसरे रास्ते से आने-जाने लगा।

सुबह तड़के चापड़ लेकर दौड़ाने का आरोप

जगन्नाथ किस्कू ने बताया कि शुक्रवार की सुबह करीब 3:30 से 4 बजे के बीच वह घर से कुछ कदम बाहर निकला था। मोबाइल लेने के लिए वापस मुड़ने पर उसने घर के सामने एक अज्ञात व्यक्ति को धारदार हथियार यानी चापड़ लेकर खड़ा देखा। आरोप है कि उसे देखते ही वह व्यक्ति उसकी ओर दौड़ा, जबकि पीछे की तरफ से एक अन्य व्यक्ति भी दौड़ता हुआ आया।युवक के अनुसार, उसने शोर मचाते हुए साहिल को आवाज लगाई। आवाज सुनकर आसपास के घरों के लोग बाहर निकले, जिसके बाद दोनों कथित हमलावर सड़क की ओर भाग गए। पीड़ित ने उस दौरान वहां से एक बोलेरो गाड़ी गुजरते देखने की बात भी कही। घटना के बाद वह काफी देर तक डरा-सहमा रहा।

थाना में शिकायत नहीं लेने का आरोप

पीड़ित ने बताया कि घटना के बाद उसने गांव के लोगों को बुलाया और जानकारों की सलाह पर लिखित शिकायत लेकर चांडिल थाना पहुंचा। उसका आरोप है कि थाने में ओडी में बैठे अधिकारी ने शिकायत लेने से यह कहते हुए मना कर दिया कि उस पर हमला नहीं हुआ है और उसे चोट नहीं लगी है। युवक के मुताबिक, अधिकारी ने बड़े अधिकारी के आने के बाद मामले को देखने की बात कही।इसके बाद जगन्नाथ किस्कू अनुमंडल कार्यालय पहुंचा और डीएसपी कार्यालय में लिखित आवेदन देकर अपनी तथा अपने परिवार की सुरक्षा की मांग की। उसने प्रशासन से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने और भविष्य में किसी अप्रिय घटना को रोकने के लिए आवश्यक कदम उठाने की अपील की है।

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