Jharkhand: 8.86 एकड़ जमीन घोटाला मामले में सीएम हेमंत सोरेन पर आरोप तय; कोर्ट में बोले — “मैं निर्दोष हूं, कोर्ट में लड़ूंगा कानूनी लड़ाई”

रांची: बड़गाईं अंचल की 8.86 एकड़ जमीन से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में बुधवार को रांची की विशेष पीएमएलए अदालत ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के खिलाफ आरोप तय कर दिए। इसके साथ ही मामले में सभी 17 आरोपितों के खिलाफ आरोप गठन की प्रक्रिया पूरी हो गई। इससे पहले 16 अन्य आरोपितों पर आरोप तय किए जा चुके थे। ईडी के विशेष न्यायाधीश योगेश कुमार की अदालत में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन शाम करीब 4.25 बजे वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए पेश हुए। अदालत ने अभियोजन की ओर से लगाए गए आरोपों को पढ़कर सुनाया और उनसे इस संबंध में कुछ कहने को पूछा। हेमंत सोरेन ने आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि वह इस मामले में निर्दोष हैं और अब ट्रायल का सामना करेंगे।
2010 से 2024 के बीच जमीन पर नियंत्रण का अभियोजन का आरोप
अदालत में पढ़े गए आरोप के अनुसार, अभियोजन का दावा है कि वर्ष 2010 से 2024 के बीच बड़गाईं अंचल के शांतिनगर स्थित 8.86 एकड़ जमीन हेमंत सोरेन के नियंत्रण में थी। अभियोजन के मुताबिक, इस जमीन पर बैंक्वेट हॉल बनाने की योजना के लिए विनोद कुमार सिंह से साइट प्लान तैयार कराया गया था और जमीन पर बिजली का कनेक्शन भी लिया गया था।मामला सामने आने के बाद राजकुमार पाहन के माध्यम से एसएआर कोर्ट में जमीन वापसी का मुकदमा दाखिल कराए जाने का भी आरोप है। हेमंत सोरेन ने अदालत के समक्ष इन सभी आरोपों को निराधार बताया।
30 नवंबर से अभियोजन पेश करेगा गवाह
आरोप गठन के बाद अदालत ने मामले की अगली सुनवाई 30 नवंबर को निर्धारित की है। इसी तारीख से अभियोजन को गवाह पेश करने का निर्देश दिया गया है।मामले में कुल 17 आरोपित हैं। हेमंत सोरेन के अलावा भानु प्रताप प्रसाद, तापस घोष, शेखर कुशवाहा, विनोद कुमार सिंह, सद्दाम हुसैन, अंतु तिर्की, राजकुमार पाहन, अफसर अली, इरशाद अख्तर, कुमार राजश्री, मनोज कुमार यादव, प्रियरंजन सहाय, बिपिन सिंह, संजीत कुमार और इरशाद समेत 16 आरोपितों के खिलाफ पहले ही आरोप तय किए जा चुके थे।
हाई कोर्ट में भी हुई सुनवाई, ईडी से मांगा जवाब
इसी मामले में झारखंड हाई कोर्ट में भी बुधवार को हेमंत सोरेन की याचिका पर सुनवाई हुई। उनकी ओर से ईडी कोर्ट में आरोप गठन और ट्रायल की कार्रवाई पर रोक लगाने की मांग की गई है। हाई कोर्ट ने मामले में ईडी से जवाब मांगा है और अगली सुनवाई के लिए 28 अक्टूबर की तारीख तय की गई है।सोरेन की ओर से पीएमएलए एक्ट की धारा 44(1)(डी) का हवाला देते हुए दलील दी गई है कि जांच पूरी होने तक उनके खिलाफ आरोप गठन और ट्रायल की प्रक्रिया आगे नहीं बढ़नी चाहिए। वहीं, ईडी की ओर से कहा गया कि जांच जारी है और नए तथ्य सामने आने पर अदालत की अनुमति से पूरक चार्जशीट दाखिल की जा सकती है।
क्या है 8.86 एकड़ जमीन से जुड़ा मामला?
यह मामला रांची के बड़गाईं अंचल की 8.86 एकड़ जमीन के कथित अवैध अधिग्रहण और हस्तांतरण से जुड़ा मनी लॉन्ड्रिंग केस है। ईडी ने जमीन के रिकॉर्ड में कथित हेरफेर और दस्तावेजों के इस्तेमाल समेत कई आरोप लगाए हैं। हेमंत सोरेन इन आरोपों से इनकार करते रहे हैं।



