BreakingJharkhand INFACTNews

Jharkhand: जेपीएससी फर्जीवाड़ा मामले में सुमन सौरव की जमानत और पवन कुमार सिंह की अग्रिम जमानत पर फैसला सुरक्षित

रांची: जेपीएससी फर्जीवाड़ा मामले में आरोपी सुमन सौरव और पवन कुमार सिंह को लेकर बुधवार को अदालत में अहम सुनवाई हुई। अपर न्याययुक्त योगेश कुमार की अदालत ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद फैसला सुरक्षित रख लिया है। अब दोनों आरोपियों की याचिकाओं पर अदालत के फैसले का इंतजार है।

सुमन सौरव की जमानत याचिका पर सुनवाई पूरी

सीआईडी ने 30 जुलाई को आरोपी सुमन सौरव को गिरफ्तार कर जेल भेजा था। गिरफ्तारी के बाद से वह न्यायिक हिरासत में है। बुधवार को उसकी ओर से अदालत में जमानत की मांग की गई, जबकि जांच एजेंसी की ओर से इसका विरोध किया गया।अदालत ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद जमानत याचिका पर अपना फैसला सुरक्षित रख लिया।

पवन कुमार सिंह की अग्रिम जमानत पर भी फैसला सुरक्षित

इसी मामले में पवन कुमार सिंह की अग्रिम जमानत याचिका पर भी अदालत में सुनवाई हुई। दोनों पक्षों की दलीलें पूरी होने के बाद अदालत ने इस याचिका पर भी फैसला सुरक्षित रख लिया है।अब अदालत के आदेश के बाद ही स्पष्ट होगा कि पवन कुमार सिंह को अग्रिम जमानत मिलती है या नहीं।

सीआईडी की कार्रवाई में बरामद हुए थे महत्वपूर्ण दस्तावेज

जेपीएससी फर्जीवाड़ा मामले की जांच के दौरान सीआईडी ने 21 जुलाई को बड़ी कार्रवाई की थी। इस दौरान जांच एजेंसी ने कई महत्वपूर्ण दस्तावेज बरामद किए थे। इसके बाद जांच का दायरा लगातार बढ़ता गया और मामले में कई लोगों की भूमिका सामने आने लगी।

मास्टरमाइंड समेत कई आरोपियों की हो चुकी है गिरफ्तारी

सीआईडी ने 22 जुलाई को कथित फर्जीवाड़े के मास्टरमाइंड अभय कुमार तिवारी, उप परीक्षा नियंत्रक श्वेता गुप्ता समेत कई आरोपियों को गिरफ्तार किया था। इसके बाद जांच एजेंसी ने मामले में आगे की कार्रवाई करते हुए अन्य संदिग्धों और आरोपियों की भूमिका की भी जांच शुरू की।

तत्कालीन जेपीएससी अध्यक्ष समेत दो दर्जन से अधिक आरोपी जेल में

इस मामले में सीआईडी तत्कालीन जेपीएससी अध्यक्ष एल. ख्यांगते समेत दो दर्जन से अधिक आरोपियों को गिरफ्तार कर चुकी है। जांच एजेंसी के मुताबिक मामले में फर्जीवाड़े से जुड़े विभिन्न पहलुओं की जांच जारी है।फिलहाल गिरफ्तार सभी आरोपी न्यायिक हिरासत में जेल में बंद हैं। सीआईडी इस पूरे मामले की जांच कर रही है और फर्जीवाड़े में शामिल अन्य लोगों की भूमिका का भी पता लगाया जा रहा है।

अदालत के फैसले का इंतजार

अब सबकी नजरें सुमन सौरव की जमानत और पवन कुमार सिंह की अग्रिम जमानत याचिका पर अदालत के फैसले पर टिकी हैं। अदालत के आदेश के बाद दोनों आरोपियों की कानूनी स्थिति को लेकर तस्वीर साफ होगी।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button