Bihar: राघोपुर में बाढ़ का बढ़ा खतरा, नीतीश कुमार ने सिक्सलेन पुल से लिया गंगा के जलस्तर का जायजा

राघोपुर: पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने गुरुवार को कच्ची दरगाह-बिदुपुर सिक्सलेन पुल से गंगा नदी के बढ़ते जलस्तर का जायजा लिया। इस दौरान उनके साथ जदयू के कार्यकारी अध्यक्ष संजय झा और हरेंद्र सिंह भी मौजूद रहे।गंगा के लगातार बढ़ते जलस्तर और राघोपुर प्रखंड में गंभीर होती बाढ़ की स्थिति को देखते हुए नीतीश कुमार ने लोगों से सतर्क रहने और सावधानी बरतने की अपील की। उन्होंने लोगों से अनावश्यक रूप से नदी और जलभराव वाले क्षेत्रों में नहीं जाने की सलाह दी।
बाढ़ को लेकर लोगों से सतर्क रहने की अपील
नीतीश कुमार ने संभावित बाढ़ की स्थिति को देखते हुए आम लोगों से विशेष सावधानी बरतने को कहा। उन्होंने बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में लोगों को हरसंभव मदद उपलब्ध कराने की अपील भी की।उन्होंने लोगों से अपील की कि नदी के बढ़ते जलस्तर और जलभराव वाले इलाकों में जोखिम न लें तथा प्रशासन की ओर से जारी दिशा-निर्देशों का पालन करें।
राघोपुर की करीब 20 पंचायतों के 75 से ज्यादा गांव प्रभावित
राघोपुर प्रखंड में बाढ़ की स्थिति गंभीर बनी हुई है। जानकारी के अनुसार, प्रखंड की करीब 20 पंचायतों के 75 से अधिक गांव बाढ़ से प्रभावित हैं।गंगा नदी का जलस्तर लगातार बढ़ने के कारण दियारा क्षेत्र के लोगों में भय का माहौल बना हुआ है। ग्रामीणों को सुरक्षित स्थानों और आवागमन को लेकर भी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
मुख्य मार्ग पर पानी भरने से आवागमन बाधित
बाढ़ का पानी रुस्तमपुर से बीरपुर जाने वाले मुख्य मार्ग पर कई स्थानों तक पहुंच गया है। सड़क पर पानी जमा होने के कारण इस मार्ग पर आवागमन पूरी तरह बाधित होने की बात सामने आई है।इससे स्थानीय लोगों को एक स्थान से दूसरे स्थान तक आने-जाने में काफी परेशानी हो रही है।
सरकारी कार्यालयों में भी घुसा बाढ़ का पानी
बाढ़ की स्थिति अब सरकारी कार्यालयों तक पहुंच गई है। प्रखंड परिसर, रेफरल अस्पताल मोहनपुर, सीडीपीओ कार्यालय, जुड़ावनपुर थाना परिसर और कृषि भवन परिसर में बाढ़ का पानी प्रवेश कर चुका है।सरकारी परिसरों में पानी घुसने से आम लोगों को अपने जरूरी कामों के लिए भी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
गंगा के बढ़ते जलस्तर से दियारा क्षेत्र में दहशत
गंगा नदी के जलस्तर में लगातार हो रही वृद्धि से राघोपुर दियारा क्षेत्र के लोगों की चिंता बढ़ गई है। बाढ़ का पानी गांवों और प्रमुख रास्तों तक पहुंचने के कारण लोगों को संभावित स्थिति को लेकर डर बना हुआ है।स्थानीय स्तर पर लोग बाढ़ की स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं और प्रशासन से राहत एवं बचाव की तैयारियां मजबूत रखने की उम्मीद कर रहे हैं।



