Jharkhand: रांची में 10 लेन सड़क का विरोध तेज, जगन्नाथपुर चौक पर बस्ती बचाओ संघर्ष समिति ने की नुक्कड़ सभा

रांची: प्रस्तावित 10 लेन सड़क निर्माण को लेकर रांची में स्थानीय लोगों का विरोध तेज होता जा रहा है। जगन्नाथपुर चौक पर बस्ती बचाओ संघर्ष समिति की ओर से नुक्कड़ सभा आयोजित कर सड़क निर्माण योजना पर सवाल उठाए गए। समिति और स्थानीय लोगों ने कहा कि प्रस्तावित सड़क की जद में आने वाले इलाकों में वर्षों से रह रहे परिवारों के सामने घर और रोजगार बचाने का संकट पैदा हो गया है।
10 लेन सड़क की जद में आने वाले परिवारों ने जताई चिंता
नुक्कड़ सभा में स्थानीय लोगों ने बताया कि कई परिवार वर्ष 1992 से इस इलाके में रह रहे हैं। उनका कहना है कि उन्होंने इसी क्षेत्र में रहकर अपने परिवार का भरण-पोषण किया और बच्चों की पढ़ाई-लिखाई कराई।प्रदर्शनकारियों का कहना है कि विकास जरूरी है, लेकिन विकास के नाम पर वर्षों से बसे लोगों को विस्थापित करना उचित नहीं है। लोगों ने सरकार और प्रशासन से प्रभावित परिवारों की स्थिति को ध्यान में रखते हुए सड़क निर्माण योजना पर पुनर्विचार करने की मांग की।
बोले स्थानीय लोग- एलिवेटेड फ्लाईओवर का विकल्प अपनाया जाए
स्थानीय लोगों ने प्रस्तावित 10 लेन सड़क के लिए एलिवेटेड फ्लाईओवर का विकल्प अपनाने की मांग की है। उनका कहना है कि इससे सड़क निर्माण की जरूरत भी पूरी हो सकती है और वर्षों से बसे लोगों के घरों को बचाया जा सकता है।समिति के मुताबिक, वैकल्पिक व्यवस्था पर विचार किए बिना बड़ी संख्या में लोगों को प्रभावित करना उचित नहीं होगा।
जगन्नाथ मंदिर क्षेत्र में लैंडस्लाइड के खतरे की चिंता
बस्ती बचाओ संघर्ष समिति ने जगन्नाथ मंदिर क्षेत्र में निर्माण से संभावित लैंडस्लाइड के खतरे को लेकर भी चिंता जताई। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि सड़क निर्माण के दौरान क्षेत्र की भौगोलिक स्थिति और सुरक्षा पहलुओं का भी गंभीरता से अध्ययन किया जाना चाहिए।समिति ने प्रशासन से मांग की है कि किसी भी निर्माण कार्य से पहले स्थानीय परिस्थितियों और संभावित जोखिमों का विस्तृत आकलन किया जाए।
घर और रोजगार बचाने की मांग
प्रदर्शनकारियों ने कहा कि प्रभावित परिवारों के लिए केवल सड़क निर्माण का मुद्दा नहीं है, बल्कि उनके घर, रोजगार और बच्चों के भविष्य का सवाल भी जुड़ा हुआ है।स्थानीय लोगों ने सरकार से मांग की कि सड़क परियोजना को लागू करने से पहले प्रभावित परिवारों से बातचीत की जाए और ऐसा समाधान निकाला जाए, जिससे विकास के साथ लोगों के हितों की भी रक्षा हो सके।
मांग पूरी नहीं हुई तो आंदोलन जारी रखने की चेतावनी
बस्ती बचाओ संघर्ष समिति ने स्पष्ट किया कि जब तक उनकी मांगों पर कोई ठोस समाधान नहीं निकलता, तब तक आंदोलन जारी रहेगा। समिति ने सरकार और प्रशासन से प्रभावित लोगों की समस्याओं को गंभीरता से लेते हुए प्रस्तावित सड़क योजना पर पुनर्विचार करने की मांग की है।



