Jharkhand: दलमा अभयारण्य में कथित अवैध निर्माण पर 9 सितंबर को सीईसी की सुनवाई, 15 पर्यटक कॉटेज के भविष्य पर भी नजर

जमशेदपुर: दलमा वन्यजीव अभयारण्य के भीतर किए गए कथित अवैध निर्माणों को लेकर जल्द बड़ा फैसला आ सकता है। अभयारण्य क्षेत्र में आवश्यक अनुमति के बिना बनाए गए निर्माणों और पर्यटक कॉटेज के मामले में केंद्रीय अधिकार प्राप्त समिति आगामी 9 सितंबर को सुनवाई करेगी। यह मामला सुप्रीम कोर्ट में लंबित एक याचिका से जुड़ा है, जिसमें वन एवं वन्यजीव संरक्षण नियमों के उल्लंघन के आरोपों की जांच की जा रही है।
बिना राष्ट्रीय वन्यजीव बोर्ड अनुमति निर्माण का आरोप
जमशेदपुर के अधिवक्ता प्रदीप शर्मा द्वारा दायर आवेदन में आरोप लगाया गया है कि दलमा अभयारण्य के भीतर राष्ट्रीय वन्यजीव बोर्ड की अनिवार्य अनुमति के बिना कई निर्माण कार्य कराए गए हैं।आवेदन में ऐसे सभी निर्माण कार्यों पर रोक लगाने और नियमों का उल्लंघन कर बनाए गए ढांचों को हटाने की मांग की गई है। याचिका में वन एवं वन्यजीव संरक्षण से जुड़े नियमों के अनुपालन को लेकर भी सवाल उठाए गए हैं।
झारखंड सरकार समेत अधिकारियों को नोटिस
मामले की गंभीरता को देखते हुए केंद्रीय अधिकार प्राप्त समिति ने झारखंड सरकार के मुख्य सचिव सहित संबंधित विभागों और अधिकारियों को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है।सभी संबंधित पक्षों को 9 सितंबर को नई दिल्ली स्थित चाणक्य भवन में सीईसी के समक्ष उपस्थित होकर अपना पक्ष रखने को कहा गया है। समिति ने यह भी स्पष्ट किया है कि यदि कोई पक्ष अतिरिक्त दस्तावेज प्रस्तुत करना चाहता है, तो उसे सुनवाई की तारीख से कम से कम तीन दिन पहले जमा करना होगा।
दलमा के 15 नए पर्यटक कॉटेज पर भी पड़ सकता है असर
इस विवाद का असर हाल ही में दलमा वन्यजीव अभयारण्य में बनाए गए 15 नए पर्यटक कॉटेज पर भी पड़ सकता है। इन कॉटेज का उद्घाटन हो चुका है, लेकिन अभी तक इन्हें पर्यटकों के लिए शुरू नहीं किया गया है।ऐसे में 9 सितंबर को होने वाली सुनवाई के दौरान सामने आने वाले निर्देश इन पर्यटन परियोजनाओं के भविष्य के लिए महत्वपूर्ण हो सकते हैं। फिलहाल इन कॉटेज को पर्यटकों के लिए कब खोला जाएगा, इसे लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं है।
सरयू राय ने भी उठाए सवाल
इधर, जमशेदपुर पश्चिम के विधायक सरयू राय ने भी दलमा में निर्माण कार्यों को लेकर सवाल उठाए हैं। उन्होंने आरोप लगाया है कि इको-सेंसिटिव जोन में आवश्यक स्वीकृतियों के बिना पर्यटन से जुड़े निर्माण कार्य कराए गए हैं।सरयू राय ने ऐसे निर्माणों की जांच कराने और यदि नियमों का उल्लंघन पाया जाता है तो जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।
9 सितंबर की सुनवाई पर टिकी निगाहें
दलमा वन्यजीव अभयारण्य से जुड़े इस मामले में अब सभी की निगाहें 9 सितंबर की सीईसी सुनवाई पर टिकी हैं। सुनवाई में कथित अनधिकृत निर्माणों, आवश्यक पर्यावरणीय एवं वन्यजीव स्वीकृतियों और पर्यटन परियोजनाओं से जुड़े मुद्दों पर महत्वपूर्ण दिशा-निर्देश सामने आ सकते हैं।यदि समिति की ओर से निर्माणों को लेकर कोई सख्त निर्देश जारी किया जाता है, तो इसका असर दलमा में हाल में विकसित की गई पर्यटन सुविधाओं पर भी पड़ सकता है।



