Bengal: पश्चिम बंगाल में बनेगा पहला डेडिकेटेड एटीएस , एंटी-नारकोटिक्स टास्क फोर्स को भी मंजूरी

कोलकाता: पश्चिम बंगाल में कानून-व्यवस्था और आंतरिक सुरक्षा को मजबूत करने की दिशा में राज्य मंत्रिमंडल ने बड़ा फैसला लिया है। कैबिनेट ने राज्य के पहले समर्पित एंटी-टेररिस्ट स्क्वाड के गठन को मंजूरी दे दी है। इसके साथ ही नशीले पदार्थों की तस्करी और ड्रग नेटवर्क के खिलाफ कार्रवाई के लिए राज्य की पहली एंटी-नारकोटिक्स टास्क फोर्स बनाने पर भी मुहर लगाई गई है।
एटीएस के लिए 460 से अधिक नियमित पदों को मंजूरी
कैबिनेट के फैसले के अनुसार पश्चिम बंगाल के पहले डेडिकेटेड एटीएस के लिए 460 से अधिक नियमित पद सृजित किए जाएंगे। इस विशेष दस्ते की कमान डीजीपी सिद्धनाथ गुप्ता को सौंपे जाने की बात कही गई है।एटीएस का उद्देश्य राज्य में आतंकी गतिविधियों, आतंकवादी नेटवर्क और उससे जुड़े मामलों की जांच एवं कार्रवाई के लिए एक विशेष पुलिस तंत्र तैयार करना है।
चार जिलों में खुलेंगे एंटी-नारकोटिक्स पुलिस स्टेशन
ड्रग तस्करी और संगठित नशीले पदार्थों के नेटवर्क पर कार्रवाई के लिए राज्य में चार विशेष एंटी-नारकोटिक्स पुलिस स्टेशन स्थापित किए जाएंगे।ये विशेष थाने दुर्गापुर,मालदा खड़गपुर और नदिया में स्थापित किए जाएंगे।इनके जरिए नशीले पदार्थों की तस्करी, सप्लाई नेटवर्क और इससे जुड़े संगठित अपराध के खिलाफ कार्रवाई को तेज करने की योजना है।
अमित शाह के साथ समीक्षा बैठक के बाद बड़ा फैसला
राज्य सरकार का यह फैसला केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी के बीच हुई कानून-व्यवस्था की समीक्षा बैठक के बाद आया है। बैठक में राज्य के सुरक्षा ढांचे, पुलिस की क्षमता और न्यायिक व्यवस्था को मजबूत करने से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर चर्चा हुई थी।बताया गया कि समीक्षा बैठक के दौरान राज्य में विशेष सुरक्षा एवं जांच एजेंसियों को मजबूत करने पर जोर दिया गया था।
एंटी-नारकोटिक्स टास्क फोर्स और स्पेशल एजेंसी बनाने की सलाह
समीक्षा बैठक में राज्य के सुरक्षा तंत्र को मजबूत करने के साथ-साथ विशेष एजेंसियों के गठन पर भी जोर दिया गया। इनमें एंटी-नारकोटिक्स टास्क फोर्स, एंटी-टेररिस्ट स्क्वाड और स्पेशल इन्वेस्टिगेशन एजेंसी जैसे ढांचे शामिल हैं।इसके अलावा राज्य से जुड़े आतंकवाद और यूएपीए मामलों की समीक्षा करने की बात भी सामने आई है।
सीमावर्ती इलाकों में सुरक्षा पर भी जोर
बैठक में पश्चिम बंगाल के सीमावर्ती इलाकों में सरकारी जमीन पर हुए कथित अवैध अतिक्रमण को हटाने और सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने पर भी जोर दिया गया।ग्रामीण क्षेत्रों में महिलाओं की सुरक्षा को प्राथमिकता देने और राज्य के व्यापक सुरक्षा तंत्र को मजबूत करने की सलाह भी दी गई।
सुरक्षा और ड्रग नेटवर्क के खिलाफ बढ़ेगी कार्रवाई
एटीएस और एंटी-नारकोटिक्स टास्क फोर्स के गठन के बाद राज्य में आतंकवाद और मादक पदार्थों से जुड़े मामलों से निपटने के लिए पुलिस के पास अलग और विशेषीकृत तंत्र उपलब्ध होगा। चार विशेष एंटी-नारकोटिक्स थानों की स्थापना से ड्रग नेटवर्क के खिलाफ स्थानीय स्तर पर कार्रवाई को भी मजबूती मिलने की उम्मीद है।



