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Jharkhand: तीसरी सोमवारी पर निकलेगी भव्य सामूहिक जलाभिषेक यात्रा, सिदगोड़ा सूर्यधाम में काशी की तर्ज पर होगी महाआरती

जमशेदपुर। पवित्र श्रावण माह की तीसरी सोमवारी 17 अगस्त को सूर्य मंदिर समिति, सिदगोड़ा के तत्वावधान में आयोजित होने वाली सामूहिक जलाभिषेक यात्रा की तैयारियां जोर-शोर से चल रही हैं। आयोजन को भव्य और व्यवस्थित बनाने के लिए मंगलवार को सिदगोड़ा स्थित सूर्य मंदिर परिसर में समिति की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई।बैठक की अध्यक्षता सूर्य मंदिर समिति के अध्यक्ष भूपेंद्र सिंह ने की, जबकि पूर्व मुख्यमंत्री एवं मंदिर समिति के मुख्य संरक्षक रघुवर दास मुख्य रूप से उपस्थित रहे।

रघुवर दास ने तैयारियों की समीक्षा की

बैठक के दौरान रघुवर दास ने जलाभिषेक यात्रा की तैयारियों की विस्तृत समीक्षा की। उन्होंने यात्रा के मार्ग, श्रद्धालुओं की सहभागिता, जलाभिषेक, सुरक्षा, साफ-सफाई, भक्ति कार्यक्रम, बैरिकेडिंग और ट्रैफिक व्यवस्था समेत विभिन्न तैयारियों की जानकारी ली।उन्होंने आयोजन को सफल बनाने के लिए समिति के पदाधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। साथ ही श्रद्धालुओं से अपील की कि वे 17 अगस्त को सुबह 7 बजे बारीडीह हरि मंदिर मैदान में एकत्रित हों।यहां से शिवभक्त कतारबद्ध होकर सामूहिक रूप से सिदगोड़ा सूर्यधाम शिवालय के लिए रवाना होंगे।

सुल्तानगंज से आएगा पवित्र गंगाजल

सूर्य मंदिर समिति के अध्यक्ष भूपेंद्र सिंह ने बताया कि जलाभिषेक यात्रा के दौरान पूरे मार्ग में भक्ति गीत-संगीत, आकर्षक झांकियां और शिवभक्तों का उत्साह देखने को मिलेगा।उन्होंने बताया कि भगवान भोलेनाथ के जलाभिषेक के लिए सुल्तानगंज की उत्तरवाहिनी गंगा से पवित्र गंगाजल लाने की विशेष व्यवस्था की गई है। इसी गंगाजल से श्रद्धालु सामूहिक रूप से भगवान शिव का जलाभिषेक करेंगे।समिति के अनुसार, गंगाजल से होने वाला यह सामूहिक जलाभिषेक श्रद्धालुओं को बाबा धाम जैसी आध्यात्मिक अनुभूति प्रदान करेगा।

काशी के गंगा घाट की तर्ज पर होगी महाआरती

सूर्य मंदिर समिति के महासचिव अखिलेश चौधरी ने बताया कि तीसरी सोमवारी की संध्या को सिदगोड़ा सूर्यधाम में काशी के गंगा घाट की तर्ज पर भव्य महाआरती का आयोजन किया जाएगा।उन्होंने बताया कि 17 अगस्त को शाम 6:30 बजे होने वाली महाआरती के लिए बनारस से 15 सदस्यीय प्रशिक्षित मंडली सिदगोड़ा सूर्यधाम पहुंचेगी।महाआरती के दौरान श्रद्धालुओं को काशी के गंगा घाट जैसा आध्यात्मिक वातावरण देने की तैयारी की जा रही है।

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