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Jharkhand: जामताड़ा पुलिस की बड़ी कार्रवाई, 9 साइबर अपराधी गिरफ्तार; 27 मोबाइल, 39 सिम कार्ड और टैब जब्त

जामताड़ा पुलिस ने साइबर अपराध के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए 9 साइबर अपराधियों को गिरफ्तार किया है। शनिवार को पुलिस अधीक्षक शंभू कुमार सिंह ने प्रेस वार्ता में बताया कि गुप्त सूचना के आधार पर साइबर डीएसपी अमित रविदास के नेतृत्व में गठित विशेष टीम ने करमाटांड़ थाना क्षेत्र के सियारसोल एवं मटटांड़ तथा जामताड़ा थाना क्षेत्र के मोहड़ा-पोसोई के समीप छापेमारी कर आरोपियों को गिरफ्तार किया।एसपी ने बताया कि करमाटांड़ थाना क्षेत्र से पांच और जामताड़ा थाना क्षेत्र से चार आरोपियों को पकड़ा गया। इस संबंध में साइबर थाना कांड संख्या 44/26 (दिनांक 17 जुलाई 2026) दर्ज किया गया है। आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस), सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम तथा टेलीकम्युनिकेशंस एक्ट-2023 की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है।

गिरफ्तार आरोपियों की पहचान

गिरफ्तार आरोपियों में मुजाहिद अंसारी (24), सलामत अंसारी (27), समनर अंसारी (33), तबारक अंसारी (25), सरफराज अंसारी (30) शामिल हैं, जो सभी ग्राम मटटांड़, थाना करमाटांड़ के निवासी हैं।इसके अलावा रोकी कुमार दास (23), अर्जुन दास (37), सचिन दास (23) ग्राम पोसोई, थाना जामताड़ा तथा अमृत रूईदास (24) निवासी दासपाड़ा, बराकर, थाना कुल्टी, जिला पश्चिम बर्दवान (पश्चिम बंगाल) को भी गिरफ्तार किया गया।

27 मोबाइल, 39 सिम कार्ड और एक टैब बरामद

छापेमारी के दौरान पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से 27 मोबाइल फोन, 39 सिम कार्ड और एक टैब बरामद किया। पुलिस के अनुसार इन इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों का इस्तेमाल साइबर ठगी की वारदातों को अंजाम देने के लिए किया जाता था। जब्त उपकरणों की तकनीकी जांच की जा रही है।

फोनपे कैशबैक और बैंक अधिकारी बनकर करते थे ठगी

एसपी शंभू कुमार सिंह ने बताया कि आरोपी लोगों को फोनपे कैशबैक का झांसा देकर ठगी करते थे। वे ग्राहकों से कैशबैक स्वीकार करने के लिए कहते थे और अनुरोध स्वीकार करते ही पीड़ितों के बैंक खाते से रकम साइबर अपराधियों के फर्जी ई-वॉलेट में ट्रांसफर हो जाती थी।इसके अलावा आरोपी खुद को बैंक अधिकारी बताकर लोगों से एटीएम नंबर, सीवीवी, ओटीपी और अन्य गोपनीय बैंकिंग जानकारी हासिल कर उनके खातों से अवैध निकासी करते थे।

एक आरोपी वकालत की तैयारी कर रहा था

गिरफ्तार आरोपी अमृत रूईदास के बारे में पुलिस ने बताया कि वह अपने ससुराल पोसोई में रह रहा था। प्रारंभिक जांच में पता चला है कि वह वकालत की पढ़ाई की तैयारी कर रहा था, लेकिन बाद में साइबर अपराधियों के संपर्क में आकर इस गिरोह से जुड़ गया। पुलिस उसके नेटवर्क और गतिविधियों की विस्तृत जांच कर रही है।

दो आरोपियों पर पहले से दर्ज हैं साइबर अपराध के मामले

एसपी ने बताया कि गिरफ्तार आरोपी मुजाहिद अंसारी के खिलाफ पहले साइबर थाना कांड संख्या 44/24 तथा सलामत अंसारी के विरुद्ध साइबर थाना कांड संख्या 59/20 में भी आरोप पत्र दाखिल किया जा चुका है।

लोगों से सतर्क रहने की अपील

प्रेस वार्ता में साइबर डीएसपी अमित रविदास, साइबर थाना प्रभारी राजेश मंडल सहित कई पुलिस अधिकारी मौजूद थे। एसपी ने लोगों से अपील की कि किसी भी अनजान कॉल, कैशबैक ऑफर या बैंक संबंधी गोपनीय जानकारी किसी के साथ साझा न करें और किसी भी संदिग्ध साइबर गतिविधि की सूचना तुरंत पुलिस को दें।

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