Jharkhand: 1 करोड़ रुपये की कथित धोखाधड़ी मामले में आरोपियों को कोर्ट से झटका, दूसरी बार भी अग्रिम जमानत खारिज

जमशेदपुर: शहर के चर्चित करीब 1 करोड़ रुपये की कथित धोखाधड़ी मामले में आरोपियों को एक बार फिर न्यायालय से बड़ा झटका लगा है। माननीय द्वितीय अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश, जमशेदपुर की अदालत ने ए.बी.पी. संख्या 728/26 में आरोपी सचिदानंद प्रसाद एवं सुरेश प्रसाद द्वारा दायर अग्रिम जमानत याचिका को दूसरी बार खारिज कर दिया है।
डॉ. संतोष कुमार गुप्ता से कथित धोखाधड़ी का मामला
यह मामला एनएच डिमना-पारडीह रोड, मानगो स्थित एलीट हॉस्पिटल (वर्तमान में स्पंद हॉस्पिटल) के पूर्व निदेशकों से जुड़ा है। आरोप है कि अस्पताल के पूर्व निदेशकों ने शहर के प्रसिद्ध हृदय रोग विशेषज्ञ डॉ. संतोष कुमार गुप्ता के साथ लगभग 1 करोड़ रुपये की कथित धोखाधड़ी की।मामले में आरोपियों के विरुद्ध भारतीय दंड संहिता की धारा 420 (धोखाधड़ी), 406 (आपराधिक न्यास भंग) और 120B (आपराधिक षड्यंत्र) के तहत मामला दर्ज किया गया था। जांच के बाद उलीडीह थाना ने आरोपियों के खिलाफ न्यायालय में चार्जशीट भी दाखिल कर दी है।
22 जून को पूरी हुई थी सुनवाई
जानकारी के अनुसार, अग्रिम जमानत याचिका पर सुनवाई 22 जून 2026 को पूरी हुई थी। सुनवाई के बाद न्यायालय ने अपना आदेश सुरक्षित रख लिया था। इसके बाद 24 जून को अदालत ने आदेश सुनाते हुए दोनों आरोपियों की दूसरी अग्रिम जमानत याचिका को अस्वीकार कर दिया।
दोनों पक्षों ने रखे अपने तर्क
मामले में अभियोजन पक्ष की ओर से अधिवक्ता राजीव कुमार सिन्हा एवं श्वेता सिन्हा ने पक्ष रखा, जबकि आरोपियों की ओर से अधिवक्ता के.एम. सिंह ने न्यायालय के समक्ष अपनी दलीलें प्रस्तुत कीं।
मामले में अहम कानूनी प्रगति माना जा रहा फैसला
न्यायालय के इस फैसले को मामले में महत्वपूर्ण कानूनी प्रगति के रूप में देखा जा रहा है। कानूनी जानकारों का मानना है कि आरोपों की गंभीरता, प्रस्तुत साक्ष्यों और मामले की प्रकृति को देखते हुए अदालत ने इस स्तर पर आरोपियों को राहत देना उचित नहीं समझा।यह आदेश आगे की न्यायिक प्रक्रिया को भी प्रभावित कर सकता है और मामले की सुनवाई में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने की संभावना है।



