पटना: भारतीय जनता पार्टी ने बिहार विधान परिषद (एमएलसी) चुनाव के लिए अपने उम्मीदवारों की घोषणा कर दी है। पार्टी ने चार नेताओं को उम्मीदवार बनाया है, जिनमें भोजपुरी फिल्म अभिनेता और गायक पवन सिंह का नाम सबसे अधिक चर्चा में है।भाजपा द्वारा जारी सूची के अनुसार निम्नलिखित नेताओं को विधान परिषद चुनाव के लिए उम्मीदवार बनाया गया है जिसमे पवन सिंह,संजय मयूख,अनिल कुमार ठाकुर और
शीला पंडित शामिल है।
पवन सिंह की राजनीति में बढ़ी भूमिका
भोजपुरी सिनेमा के लोकप्रिय अभिनेता एवं गायक पवन सिंह को भाजपा द्वारा विधान परिषद का उम्मीदवार बनाए जाने को पार्टी के बड़े राजनीतिक संदेश के रूप में देखा जा रहा है। बिहार और पूर्वांचल क्षेत्र में उनकी लोकप्रियता को देखते हुए भाजपा ने उन्हें महत्वपूर्ण जिम्मेदारी दी है।
हाल ही में बीजेपी संगठन में हुआ था बड़ा फेरबदल
एमएलसी उम्मीदवारों की घोषणा से पहले भाजपा ने बिहार प्रदेश संगठन में भी बड़ा बदलाव किया था। पार्टी ने कई प्रदेश पदाधिकारियों और विभिन्न मोर्चों के अध्यक्षों की नियुक्ति की घोषणा की थी।पार्टी की नई संगठनात्मक सूची के अनुसार 14 प्रदेश उपाध्यक्ष नियुक्त किए गए।5 प्रदेश महामंत्री बनाए गए।14 प्रदेश मंत्रियों को जिम्मेदारी सौंपी गई।प्रदेश कोषाध्यक्ष, सह-कोषाध्यक्ष, मुख्यालय प्रभारी और कार्यालय मंत्री की भी नियुक्ति की गई।
प्रदेश उपाध्यक्षों में कई प्रमुख नेताओं को जिम्मेदारी
भाजपा ने प्रदेश उपाध्यक्ष पद पर हरिभूषण ठाकुर बचौल, राकेश कुमार, संतोष पाठक, मनोज कुमार सिंह, अनामिका पासवान, रामा सिंह, पवन जायसवाल, प्रणव कुमार यादव, संतोष रंजन राय, नंद प्रसाद चौहान, अनिल ठाकुर, मुकेश शर्मा, शीला कुशवाहा और बलराम मंडल को नियुक्त किया है।
नए प्रदेश महामंत्री भी घोषित
पार्टी ने सरोज रंजन पटेल, धनराज शर्मा, प्रीति शेखर, नितिन अभिषेक और राजोर झा (राजू झा) को प्रदेश महामंत्री बनाया है।इसके अलावा विक्रम नारायण सिंह को प्रदेश कोषाध्यक्ष, जबकि राजेश सिन्हा और अंकुर गुप्ता को सह-कोषाध्यक्ष नियुक्त किया गया है। अक्षय कुमार को प्रदेश मुख्यालय प्रभारी तथा विनय केसरी को कार्यालय मंत्री की जिम्मेदारी दी गई है।
संगठन और चुनावी तैयारी पर फोकस
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि बिहार विधानसभा चुनावों को देखते हुए भाजपा संगठन और विधान परिषद दोनों स्तरों पर अपने नेतृत्व को मजबूत करने की रणनीति पर काम कर रही है। एमएलसी चुनाव के लिए घोषित उम्मीदवारों में संगठन, मीडिया और जनाधार से जुड़े चेहरों को प्राथमिकता दी गई है।
