रामगढ़: झारखंड के रामगढ़ जिले में चर्चित सुमित अग्रवाल हत्याकांड का पुलिस ने खुलासा करते हुए दो मुख्य साजिशकर्ताओं को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपियों की निशानदेही पर हत्या में इस्तेमाल किए गए दो चाकू और एक बुलेट मोटरसाइकिल भी बरामद की है। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि नशीले कारोबार और रुपये के लेनदेन में वर्चस्व की लड़ाई के चलते इस हत्याकांड की साजिश रची गई थी।
पत्नी के बयान पर दर्ज हुआ था मामला
पुलिस के अनुसार, रामगढ़ थाना क्षेत्र के न्यू बगीचा में हुई सुमित अग्रवाल की हत्या के मामले में उनकी पत्नी के बयान पर 29 जून 2026 को रामगढ़ थाना कांड संख्या 205/2026 दर्ज किया गया था। मामले में भारतीय न्याय संहिता-2023 की धारा 103(1)/3(5) के तहत प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू की गई थी।
तकनीकी साक्ष्यों से मिली सफलता
जांच के दौरान पुलिस ने मानवीय सूचना और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर संदिग्धों की पहचान की। इसी क्रम में सूरज कुमार दास उर्फ छोटू, निवासी न्यू कॉलोनी बगीचा, रामगढ़ को पहले गिरफ्तार किया गया था। उसे 1 अगस्त को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया था।
दो मुख्य साजिशकर्ता गिरफ्तार
जांच आगे बढ़ने पर पुलिस को अन्य आरोपियों के संबंध में महत्वपूर्ण सुराग मिले। इसके बाद पुलिस ने कार्रवाई करते हुए सुमित कुमार सोनी और अभिषेक कुमार साव को गिरफ्तार किया। पुलिस ने दोनों को हत्याकांड का मुख्य साजिशकर्ता बताया है।
हत्या में प्रयुक्त हथियार और बाइक बरामद
गिरफ्तार आरोपियों की निशानदेही पर पुलिस ने हत्या में इस्तेमाल किए गए दो चाकू और एक बुलेट मोटरसाइकिल बरामद की है। सभी बरामद सामान को विधिवत जब्त कर लिया गया है।
पुलिस ने बताई हत्या की वजह
पुलिस उपाधीक्षक (मुख्यालय) अकरम रजा ने बताया कि प्रारंभिक जांच में नशीले कारोबार और रुपये के लेनदेन में वर्चस्व को लेकर विवाद सामने आया है। इसी विवाद के चलते हत्या की साजिश रची गई। हालांकि मामले की जांच अभी जारी है और अन्य आरोपियों की भूमिका की भी जांच की जा रही है।
अन्य आरोपियों की तलाश जारी
पुलिस की टीमें संभावित ठिकानों पर लगातार छापेमारी कर रही हैं। अधिकारियों का कहना है कि तकनीकी साक्ष्यों और मानवीय सूचना के आधार पर जांच का दायरा लगातार बढ़ाया जा रहा है। जल्द ही इस मामले में अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी भी हो सकती है।
