Delhi INFACTNews

National:”आदिवासी ही देश के असली मालिक, एक साल के भीतर प्रधानमंत्री पद पर नहीं रहेंगे मोदी”- राहुल गाँधी

नई दिल्ली। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने बुधवार को ‘राष्ट्रीय आदिवासी प्रोफेशनल कॉन्क्लेव’ को संबोधित करते हुए केंद्र सरकार और आरएसएस पर तीखा प्रहार किया। बिरसा मुंडा को श्रद्धांजलि देने के बाद अपने संबोधन में राहुल गांधी ने ‘आदिवासी’ और ‘वनवासी’ शब्दों के बीच का वैचारिक अंतर समझाते हुए आदिवासियों को भारतीय सभ्यता की असली जड़ बताया।

‘आदिवासी’ बनाम ‘वनवासी’ की बहस

राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि भाजपा और आरएसएस आदिवासियों को ‘वनवासी’ कहकर उनके अधिकारों को सीमित करना चाहते हैं। उन्होंने कहा आदिवासी शब्द का अर्थ है देश के पहले और असली मालिक, जिनका जल, जंगल और जमीन पर प्राथमिक अधिकार है।

वनवासी शब्द का अर्थ

भाजपा इस शब्द का प्रयोग कर आदिवासियों को जंगल तक सीमित रखना चाहती है और उन्हें उनके मौलिक अधिकारों से वंचित करना चाहती है।इस अवसर पर आदिवासी प्रकोष्ठ के प्रमुख विक्रांत भूरिया ने राहुल गांधी को पारंपरिक आदिवासी टोपी भेंट कर सम्मानित किया।

“आने वाली है भयंकर आर्थिक सुनामी”

आर्थिक मोर्चे पर देश को आगाह करते हुए राहुल गांधी ने दावा किया कि भारत एक अभूतपूर्व संकट की दहलीज पर है। उन्होंने कहा “एक भयंकर आर्थिक सुनामी आ रही है जिसे अब कोई रोक नहीं सकता। हर चीज के दाम बढ़ने वाले हैं। भाजपा ने भारत के आर्थिक सुरक्षा तंत्र को ध्वस्त कर दिया है। ऐसी आर्थिक क्राइसिस आएगी जो आपने अपने जीवन में कभी नहीं देखी होगी।”

संस्थानों के भीतर विद्रोह का दावा

राहुल गांधी ने केंद्र सरकार पर संस्थानों के दुरुपयोग का आरोप लगाते हुए एक चौंकाने वाला दावा किया। उन्होंने कहा कि व्यवस्था के भीतर अब ‘इंस्टीट्यूशनल रिवोल्ट’ (संस्थागत विद्रोह) शुरू हो गया है। राहुल ने कहा कि चुनाव आयोग अब पूरी तरह कंट्रोल में नहीं है और मुख्य चुनाव आयुक्त के संदेश उनके पास आ रहे हैं।उन्होंने दावा किया कि सीनियर ज्यूडिशरी और खुफिया अधिकारी सिस्टम के खिलाफ खड़े हो रहे हैं क्योंकि उन्हें भविष्य का डर सता रहा है।

“एक साल के भीतर बदल जाएगा प्रधानमंत्री”

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर सीधा हमला बोलते हुए राहुल गांधी ने भविष्यवाणी की कि वर्तमान सरकार की नींव हिल चुकी है। उन्होंने कहा”सिस्टम अंदर से हिल रहा है। मेरे पास पीएम मोदी, अमित शाह और उनके करीबियों के बारे में अंदरूनी जानकारी आती रहती है। जनता के दबाव को दबाने के लिए शायद ये इमरजेंसी जैसी स्थिति पैदा करने की कोशिश करें, लेकिन मेरा अंदाज है कि एक साल के भीतर नरेंद्र मोदी प्रधानमंत्री नहीं होंगे।”

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button