Bihar: बिहार में शराबबंदी पर फिर उठे सवाल, सीएम आवास के पास मिलीं ब्लैक लेबल शराब की बोतलें

पटना: पटना में मुख्यमंत्री आवास के पास ब्लैक लेबल शराब की खाली बोतलें मिलने से प्रशासनिक महकमे में हड़कंप मच गया है। बिहार में वर्ष 2016 से पूर्ण शराबबंदी कानून लागू है। ऐसे में वीवीआईपी और हाई सिक्योरिटी जोन माने जाने वाले इलाके में शराब की बोतलें मिलने के बाद विपक्ष ने सरकार को घेरना शुरू कर दिया है।बताया जा रहा है कि अणे मार्ग स्थित मुख्यमंत्री आवास के पास सड़क किनारे एक पेड़ के नीचे रखे थैले से 20 से 25 खाली शराब की बोतलें बरामद हुई हैं। ये बोतलें महंगी ब्रांड “ब्लैक लेबल” की बताई जा रही हैं, जिन्हें कागज में लपेटकर रखा गया था।
पुलिस सीसीटीवी फुटेज खंगालने में जुटी
सेंट्रल एसपी दीक्षा ने शुक्रवार को बताया कि हाई सिक्योरिटी जोन से कुछ खाली शराब की बोतलें बरामद हुई हैं और मामले की जांच जारी है। पुलिस इलाके में लगे सीसीटीवी कैमरों के फुटेज खंगाल रही है ताकि पता लगाया जा सके कि बोतलें वहां कौन फेंककर गया।गौरतलब है कि इससे पहले भी पटना सचिवालय परिसर के अंदर कचरे के डिब्बे से शराब की खाली बोतलें बरामद हुई थीं, जिसके बाद शराबबंदी कानून को लेकर सवाल खड़े हुए थे।
रोहिणी आचार्या ने सरकार पर साधा निशाना
रोहिणी आचार्या ने इस मामले को लेकर मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी और सरकार पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि यह कैसी शराबबंदी है, जिसमें कभी विधानसभा परिसर, कभी सचिवालय और अब मुख्यमंत्री आवास के पास शराब की बोतलें मिल रही हैं।रोहिणी आचार्या ने आरोप लगाया कि बिहार में शराबबंदी सिर्फ कागजों और बयानबाजी तक सीमित रह गई है। उन्होंने कहा कि राज्य का कोई भी कोना ऐसा नहीं बचा है जहां शराब आसानी से उपलब्ध न हो।
मंत्री जमा खान बोले- साजिश की जांच होगी
वहीं, बिहार सरकार में अल्पसंख्यक कल्याण मंत्री जमा खान ने कहा कि कुछ लोग जानबूझकर गड़बड़ी फैलाने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने विपक्ष पर साजिश के तहत ऐसा करने का आरोप लगाया।मंत्री ने कहा कि मामले की जांच की जा रही है और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि एनडीए सरकार में किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा।



