
फतेहपुर : सुल्तानपुर घोष थाना क्षेत्र के चौकी चौराहे पर स्थित शेषमणी यादव की चाय दुकान इन दिनों राजनीतिक चर्चा का केंद्र बनी हुई है। दुकानदार का आरोप है कि 20 फरवरी को अखिलेश यादव के उनकी दुकान पर रुककर चाय पीने के बाद से ही प्रशासन और कुछ असामाजिक तत्व उन्हें प्रताड़ित कर रहे हैं।
खाद्य विभाग की कार्रवाई और दुकानदार का दर्द
बीती 15 अप्रैल को खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम ने शेषमणी यादव की दुकान पर छापेमारी की और चाय पत्ती के नमूने जांच के लिए लिए। शेषमणी का कहना है कि जब से सपा प्रमुख उनकी दुकान पर आए हैं, तभी से कभी दबंगों द्वारा मारपीट की जाती है तो कभी अधिकारी आकर बेवजह सवाल-जवाब करते हैं। दुकानदार के बेटे आर्यन ने फेसबुक पर अपनी व्यथा साझा करते हुए लिखा, “हम एक गरीब परिवार से हैं और लड़ाई-झगड़ा नहीं कर सकते। हमें इतना परेशान कर दिया गया है कि हम अपनी दुकान बंद कर रहे हैं और गाँव-घर छोड़कर जा रहे हैं।” आर्यन ने अपनी पोस्ट में जिले के पुलिस कप्तान से भी न्याय की गुहार लगाई है।
अधिकारियों ने आरोपों को बताया निराधार
मामले के तूल पकड़ने के बाद खाद्य विभाग के अधिकारियों ने सफाई पेश की है। सहायक आयुक्त खाद्य राजेश दीक्षित ने बताया कि यह कार्रवाई 1 अप्रैल को IGRS पोर्टल पर मिली एक शिकायत के आधार पर की गई थी। विभाग का तर्क है कि उस दिन अन्य स्थानों पर भी नियमित जांच अभियान चलाया गया था।अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि दुकान का लाइसेंस 2028 तक वैध है और विभाग के पास सीधे दुकान सीज करने का अधिकार नहीं है, केवल नमूनों की जांच की प्रक्रिया अपनाई गई है।
क्या है पूरा मामला?
20 फरवरी 2026 को अखिलेश यादव जनपद के भ्रमण पर थे और उन्होंने एक शादी समारोह में शिरकत करने के बाद चौकी चौराहे पर शेषमणी की दुकान पर चाय पी थी। इसकी तस्वीरें उन्होंने सोशल मीडिया पर भी साझा की थीं।दुकानदार के अनुसार, वीआईपी के आने के बाद से ही उन पर दबाव बढ़ गया। 15 अप्रैल की छापेमारी को उन्होंने इसी कड़ी का हिस्सा बताया।



