Jharkhand: एसीबी ने रिश्वत लेते मनरेगा जूनियर इंजीनियर को किया गिरफ्तार, इलाके के सरकारी महकमों में मचा हड़कंप

धनवार : झारखंड में भ्रष्टाचार के खिलाफ जारी अभियान के तहत एंटी करप्शन ब्यूरो ने शनिवार को धनवार प्रखंड में एक बड़ी सफलता हासिल की है। टीम ने मनरेगा के जूनियर इंजीनियर अंकुश कुमार को रिश्वत की रकम लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया। यह कार्रवाई सरकारी योजनाओं में पारदर्शिता सुनिश्चित करने की दिशा में एक कड़ा प्रहार मानी जा रही है।

क्या है पूरा मामला?

जानकारी के अनुसार, जूनियर इंजीनियर अंकुश कुमार एक सरकारी योजना से जुड़े कार्य के निष्पादन और भुगतान की फाइल आगे बढ़ाने के बदले में अवैध राशि (रिश्वत) की मांग कर रहा था। परेशान लाभार्थी ने इसकी शिकायत एसीबी से की थी।ब्यूरो ने शिकायत का गोपनीय तरीके से सत्यापन कराया, जिसमें घूस मांगने की बात सही पाई गई।

जाल बिछाकर रंगे हाथों दबोचा

शिकायत की पुष्टि होने के बाद एसीबी की टीम ने सुनियोजित तरीके से जाल बिछाया।जैसे ही अंकुश कुमार ने रिश्वत की राशि अपने हाथ में ली, पहले से तैयार एसीबी की टीम ने उसे मौके पर ही धर दबोचा। गिरफ्तारी के बाद आरोपी के पास से रिश्वत के पैसे बरामद कर लिए गए हैं। टीम उसे अपने साथ ले गई है, जहाँ उससे गहन पूछताछ की जा रही है।

सरकारी दफ्तरों में मचा हड़कंप

जेई की गिरफ्तारी की खबर फैलते ही धनवार प्रखंड कार्यालय और आसपास के सरकारी महकमों में हड़कंप मच गया है। भ्रष्टाचार के खिलाफ इस सख्त रुख से बिचौलियों और भ्रष्ट अधिकारियों के बीच दहशत का माहौल है।

स्थानीय लोगों ने जताई खुशी

क्षेत्र के ग्रामीणों और जागरूक नागरिकों ने एसीबी की इस तत्परता की सराहना की है। लोगों का कहना है कि मनरेगा जैसी महत्वपूर्ण योजनाओं में बिना कमीशन के काम होना मुश्किल हो गया था, लेकिन ऐसी कार्रवाइयों से प्रशासनिक व्यवस्था में पारदर्शिता आएगी और आम जनता का व्यवस्था पर भरोसा बहाल होगा।

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