भोपाल: सीबीआई ने ट्विशा शर्मा डेथ मिस्ट्री केस की जांच भोपाल पुलिस से अपने हाथ में ले ली है। सोमवार को सीबीआई ने भोपाल पुलिस द्वारा पहले दर्ज की गई एफआईआर को दोबारा दर्ज करते हुए ट्विशा के पति समर्थ सिंह और उनकी मां, रिटायर्ड जज गिरिबाला सिंह के खिलाफ मामला दर्ज किया।सीबीआई की स्पेशल क्राइम यूनिट की टीम भोपाल पहुंच चुकी है और पुलिस रिकॉर्ड, मेडिकल दस्तावेज, गवाहों के बयान और डिजिटल सबूत अपने कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी गई है।
पति समर्थ सिंह के साथ हुआ सीन रीक्रिएशन
सूत्रों के अनुसार सीबीआई और पुलिस टीम मंगलवार रात समर्थ सिंह को लेकर उनके घर पहुंची, जहां घटना वाले दिन का सीन रीक्रिएशन किया गया।इससे पहले भोपाल पुलिस समर्थ सिंह से करीब 10 घंटे तक पूछताछ कर चुकी थी। पूछताछ में समर्थ ने माना कि शादी के बाद उनके रिश्ते में तनाव बढ़ गया था, लेकिन उसने ट्विशा के साथ किसी भी प्रकार की शारीरिक हिंसा से इनकार किया।
दहेज हत्या के एंगल से जांच
जांचकर्ताओं को ऐसे सबूत मिले हैं जो दहेज प्रताड़ना और दहेज हत्या की ओर इशारा करते हैं। इसी आधार पर सीबीआई ने दहेज हत्या से जुड़ी धाराओं में मामला दर्ज किया है।सीबीआई की एफआईआर में एसआईटी प्रमुख रजनीश कश्यप कौल को शिकायतकर्ता बनाया गया है।
प्रेग्नेंसी और अबॉर्शन को लेकर नए खुलासे
जांच का सबसे संवेदनशील हिस्सा ट्विशा की प्रेग्नेंसी और अबॉर्शन से जुड़ा है। समर्थ सिंह ने दावा किया कि वह पिता बनना चाहता था, लेकिन ट्विशा बच्चा नहीं चाहती थी।उसके मुताबिक मेडिकल सलाह के बाद अबॉर्शन कराया गया था। हालांकि जांच में सामने आए कथित व्हाट्सप्प चैट्स ने मामले को नया मोड़ दे दिया है।सूत्रों के अनुसार कुछ चैट्स में समर्थ ने गर्भ में पल रहे बच्चे के पिता होने पर शक जताया था। यह दावा उसके पहले दिए गए बयानों से अलग माना जा रहा है।
ट्विशा की मानसिक स्थिति पर भी सवाल
समर्थ सिंह ने पूछताछ में दावा किया कि ट्विशा को बाइपोलर डिसऑर्डर और बाद में एडजस्टमेंट डिसऑर्डर बताया गया था।जांच एजेंसियां अब यह पता लगाने में जुटी हैं कि ट्विशा का मानसिक इलाज सही तरीके से किया जा रहा था या नहीं, क्या उसकी सहमति ली गई थी और क्या उसके परिवार को इन दवाओं और इलाज की जानकारी थी।
परिवार ने आरोप लगाया है कि गर्भधारण से जुड़ी परेशानियों के बाद ही ट्विशा को मानसिक दवाएं दी जाने लगीं और इस दौरान उसका वजन करीब 15 किलो तक कम हो गया था।
डिलीट चैट्स और डिजिटल सबूत खंगाल रही सीबीआई
जांच एजेंसियां समर्थ सिंह के मोबाइल फोन से डिलीट की गई चैट्स को रिकवर करने की कोशिश कर रही हैं।पुलिस सूत्रों के अनुसार ट्विशा और उसके परिवार से जुड़े कई चैट लॉग डिलीट पाए गए हैं। जांचकर्ताओं का मानना है कि ये डिजिटल सबूत केस में अहम भूमिका निभा सकते हैं।ट्विशा ने कथित तौर पर अपने परिवार को बताया था कि शादी के बाद उसे नौकरी छोड़ने के लिए मजबूर किया गया और ऑनलाइन काम जारी रखने की अनुमति नहीं दी गई। हालांकि समर्थ सिंह ने इन आरोपों से इनकार किया है।
सास गिरिबाला सिंह की भूमिका भी जांच के घेरे में
जांच में समर्थ सिंह की मां गिरिबाला सिंह की भूमिका भी अहम मानी जा रही है।समर्थ ने पुलिस को बताया कि उनकी मां पति-पत्नी के बीच विवाद सुलझाने की कोशिश करती थीं, जबकि ट्विशा का आरोप था कि उनकी सास हमेशा बेटे का पक्ष लेती थीं।अब सीबीआई मेडिकल रिकॉर्ड, सीसीटीवी फुटेज, कॉल डिटेल्स, डिजिटल चैट्स और गवाहों के बयान के आधार पर पूरे मामले की तह तक पहुंचने की कोशिश कर रही है।
