जहानाबाद: बिहार के जहानाबाद जिले के कनौदी स्थित एक निजी गुरुकुल छात्रावास में मानवता को शर्मसार करने वाली घटना सामने आई है। यहाँ 5 साल के एक मासूम छात्र के साथ कुकर्म (अप्राकृतिक यौनाचार) करने के बाद उसकी निर्मम हत्या कर दी गई। पुलिस ने इस मामले का त्वरित खुलासा करते हुए मुख्य आरोपी गार्ड और हॉस्टल संचालक को गिरफ्तार कर लिया है।
पोस्टमार्टम रिपोर्ट से खुला दरिंदगी का राज
जहानाबाद पुलिस अधीक्षक अपराजित लोहान ने प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान बताया कि 5 अप्रैल को छात्रावास में बच्चे की संदिग्ध मौत की जानकारी मिली थी। शुरुआती जांच में इसे सामान्य दुर्घटना माना जा रहा था, लेकिन पोस्टमार्टम रिपोर्ट ने पुलिस के होश उड़ा दिए। रिपोर्ट में पुष्टि हुई कि मासूम के साथ पहले अप्राकृतिक यौनाचार किया गया और फिर गला रेतकर उसकी हत्या की गई।
नशे में धुत गार्ड ने दिया वारदात को अंजाम
पुलिस तफ्तीश में हॉस्टल का गार्ड मुकेश कुमार उर्फ सुदामा मुख्य आरोपी के रूप में सामने आया है। जांच में जो तथ्य उजागर हुए वे चौंकाने वाले हैं। वारदात के वक्त आरोपी मुकेश शराब के नशे में धुत था। बच्चे के साथ गलत हरकत करने के बाद, जब उसे डर सताने लगा कि राज खुल जाएगा, तो उसने धारदार हथियार से मासूम का गला रेत दिया। पुलिस के अनुसार, आरोपी का पारिवारिक जीवन अस्थिर था और पत्नी के छोड़ जाने के कारण वह मानसिक कुंठा और नशे का आदी हो चुका था।
हॉस्टल संचालक की लापरवाही और साक्ष्य छिपाने का आरोप
पुलिस ने हॉस्टल संचालक तरुण कुमार उर्फ गांधी को भी गिरफ्तार किया है। उस पर निम्नलिखित आरोप हैं जिसमे हॉस्टल में छोटे बच्चों की सुरक्षा के लिए तय नियमों का पालन नहीं किया गया। घटना के बाद संचालक ने पुलिस से तथ्य छिपाने और मामले को दबाने का प्रयास किया।एसपी ने बताया कि पुलिस अब इस एंगल से भी जांच कर रही है कि क्या हॉस्टल के अन्य बच्चों के साथ भी पूर्व में ऐसी कोई घटना हुई है।
स्पीडी ट्रायल और प्रशासन की सख्ती
जहानाबाद पुलिस इस मामले को स्पीडी ट्रायल के जरिए जल्द से जल्द तार्किक अंजाम तक पहुँचाने की तैयारी में है। एसपी ने कहा कि वैज्ञानिक साक्ष्यों और फॉरेंसिक जांच के आधार पर आरोपी ने अपना जुर्म कबूल कर लिया है।इस हृदयविदारक घटना के बाद पूरे जिले में भारी आक्रोश है। स्थिति को देखते हुए जिला प्रशासन ने सभी निजी हॉस्टलों की सघन जांच के निर्देश दिए हैं, ताकि भविष्य में बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके और ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।
