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Bihar: निजी स्कूल के हॉस्टल में 5 साल के मासूम की बेरहमी से हत्या, एनएच -22 जाम कर परिजनों का हंगामा

जहानाबाद (लोदीपुर): बिहार के जहानाबाद जिले से रूह कंपा देने वाली एक घटना सामने आई है। लोदीपुर स्थित ‘गुरुकुल हॉस्टल एंड स्कूल’ में रह रहे यूकेजी के एक 5 वर्षीय छात्र की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। परिजनों ने स्कूल प्रशासन पर चाकू मारकर हत्या करने का गंभीर आरोप लगाया है। इस घटना के बाद आक्रोशित ग्रामीणों ने शव के साथ नेशनल हाईवे को जाम कर दिया, जिससे घंटों परिचालन ठप्प रहा।

हॉस्टल से आई ‘तबीयत खराब’ होने की खबर, अस्पताल में मिला शव

मृतक बच्चे की पहचान उकानी गांव निवासी धनंजय कुमार के पुत्र आशु कुमार (5 वर्ष) के रूप में हुई है। घटनाक्रम के अनुसार सोमवार सुबह करीब 6 बजे हॉस्टल प्रबंधन ने परिजनों को फोन कर बताया कि आशु की तबीयत खराब है और उसे अस्पताल ले जाया जा रहा है।परिजन जब सदर अस्पताल पहुँचे, तो आशु दम तोड़ चुका था। परिजनों का दावा है कि बच्चे की गर्दन और आंख के पास गहरे जख्म थे, जो किसी नुकीले हथियार या चाकू के वार जैसे प्रतीत हो रहे थे।नाजुक हालत को देखते हुए उसे पटना रेफर किया गया था, लेकिन अस्पताल पहुँचने से पहले ही उसने दम तोड़ दिया।

एनएच -22 पर बवाल: “इंसाफ चाहिए, लापरवाही नहीं”

बच्चे की मौत की खबर फैलते ही उकानी गांव के सैकड़ों ग्रामीण सड़क पर उतर आए।आक्रोशित परिजनों ने सदर अस्पताल के पास गया-पटना राष्ट्रीय राजमार्ग (NH-22) को जाम कर दिया।स्कूल और हॉस्टल प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की गई। परिजनों का सीधा आरोप है कि शिक्षकों और वार्डन की मिलीभगत या घोर लापरवाही के कारण उनके मासूम की जान गई है। हाईवे जाम होने से उत्तर और दक्षिण बिहार को जोड़ने वाली मुख्य सड़क पर गाड़ियों की लंबी कतारें लग गईं।

पुलिस की बड़ी कार्रवाई: स्कूल सील, इंचार्ज हिरासत में

तनावपूर्ण स्थिति को देखते हुए भारी पुलिस बल मौके पर पहुँचा। टाउन थाना अध्यक्ष ने कड़ी मशक्कत के बाद परिजनों को उचित कार्रवाई का भरोसा दिलाकर जाम खुलवाया। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए लोदीपुर स्थित ‘गुरुकुल हॉस्टल एंड स्कूल’ को तत्काल प्रभाव से सील कर दिया गया है। हॉस्टल इंचार्ज को पुलिस ने हिरासत में ले लिया है और उससे गहन पूछताछ की जा रही है। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। अधिकारियों का कहना है कि रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के सही कारणों (दम घुटने या चोट) का खुलासा हो पाएगा।इस घटना ने एक बार फिर निजी हॉस्टलों में बच्चों की सुरक्षा और वहां के प्रबंधन पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं।

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