NewsUP INFACT

Uttar Pradesh: एलआईसी फंड में करोड़ों की ठगी का मास्टरमाइंड समीर जोशी गिरफ्तार; मेट्रो स्टेशन से सीबीआई ने दबोचा

लखनऊ: उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में केंद्रीय जांच ब्यूरो को एक बड़ी सफलता हाथ लगी है। सीबीआई ने एलआईसी के फंड में करोड़ों रुपये के गबन और धोखाधड़ी के मामले में लंबे समय से फरार चल रहे आरोपी समीर जोशी को बुधवार को लखनऊ के एक मेट्रो स्टेशन से गिरफ्तार कर लिया। आरोपी जमानत की शर्तों का उल्लंघन कर फरार चल रहा था, जिसे अब जेल भेज दिया गया है।

₹6.37 करोड़ का वित्तीय घोटाला और हेराफेरी

यह मामला साल 2012 का है, जब एलआईसी लखनऊ की शिकायत पर सीबीआई ने जांच शुरू की थी। आरोपियों ने ऐसे पॉलिसी धारकों के नाम पर फर्जी चेक और क्लेम तैयार किए, जिनका कोई अस्तित्व ही नहीं था। फरवरी 2006 से अगस्त 2010 के बीच लखनऊ के जानकीपुरम एलआईसी शाखा में कुल 6,37,66,660 रुपये की भारी धोखाधड़ी की गई। इस घपले को छिपाने के लिए अकाउंट बुक्स (खातों की किताबों) में बड़े पैमाने पर हेराफेरी की गई थी।

नकली चेक बनाने की रची थी साजिश

सीबीआई की चार्जशीट के अनुसार, इस पूरे गोरखधंधे में समीर जोशी की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण थी। समीर जोशी ने एलआईसी के तत्कालीन हायर ग्रेड असिस्टेंट पंकज सक्सेना के साथ मिलकर साजिश रची थी। इस साजिश में समीर की पत्नी अंजू जोशी और उसके कर्मचारी जितेंद्र कुमार के नाम पर भी नकली चेक तैयार किए गए थे। फर्जी चेकों के माध्यम से लगभग 62 लाख रुपये कैश कराए गए और आपस में बांट लिए गए। सीबीआई ने इस मामले में अगस्त 2014 को 12 आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की थी।

जमानत मिलने के बाद हो गया था फरार

समीर जोशी को पहले भी इस मामले में गिरफ्तार किया गया था, लेकिन उसे कोर्ट से जमानत मिल गई थी। जमानत पर बाहर आने के बाद समीर ने कानूनी शर्तों का पालन नहीं किया और फरार हो गया। सीबीआई की टीम लगातार उसकी लोकेशन ट्रैक कर रही थी। मंगलवार (31 मार्च) को सटीक सूचना के आधार पर उसे लखनऊ के एक मेट्रो स्टेशन से गिरफ्तार किया गया और बुधवार को कानूनी प्रक्रिया पूरी कर उसे जेल भेज दिया गया।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button