Bihar: सीएम सम्राट चौधरी पैदल पहुंचे सचिवालय, मंत्रियों और अधिकारियों ने भी दिया ईंधन बचत का संदेश

पटना: बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने शुक्रवार को “नो व्हीकल डे” मनाकर राज्यवासियों को ईंधन बचत और पर्यावरण संरक्षण का बड़ा संदेश दिया। मुख्यमंत्री अपने सरकारी आवास लोकसेवक आवास से पैदल चलकर 4 कस्तूरबा गांधी मार्ग स्थित सचिवालय कार्यालय पहुंचे। उनके साथ सुरक्षा कर्मी, सीएम कार्यालय के अधिकारी और कर्मचारी भी पैदल ही दफ्तर पहुंचे।मुख्यमंत्री की यह पहल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ईंधन बचत अपील के प्रभाव के रूप में देखी जा रही है। सम्राट चौधरी ने लोगों से अपील की कि अनावश्यक वाहन उपयोग से बचें और पेट्रोल-डीजल की खपत कम करें।
मंत्रियों ने भी अपनाया ईंधन बचत अभियान
पंचायती राज मंत्री दीपक प्रकाश भी पैदल चलकर कार्यालय पहुंचे। उन्होंने कहा कि मौजूदा परिस्थितियों में ईंधन संरक्षण बेहद जरूरी है और सप्ताह में कम से कम एक दिन वाहन का उपयोग नहीं करना चाहिए।वहीं नगर विकास एवं आवास मंत्री नितीश मिश्रा इलेक्ट्रिक कार से कार्यालय पहुंचे। गुरुवार को खान एवं भूतत्व मंत्री प्रमोद चंद्रवंशी गया जाने के लिए वन्दे भारत एक्सप्रेस ट्रेन से सफर करते नजर आए। उन्होंने कहा कि सार्वजनिक परिवहन को बढ़ावा देना समय की जरूरत है।
काफिले में गाड़ियों की संख्या भी हुई कम
मुख्यमंत्री ने पिछले दो दिनों से अपने सरकारी काफिले में गाड़ियों की संख्या कम कर दी है। बुधवार को वे केवल तीन गाड़ियों के काफिले के साथ कार्यालय पहुंचे, जबकि गुरुवार को दरभंगा यात्रा के दौरान उनके साथ सिर्फ दो गाड़ियां थीं।
वैशाली में भी “नो व्हीकल डे” लागू
मुख्यमंत्री की पहल का असर अब जिलों में भी दिखने लगा है। वैशाली की डीएम वर्षा सिंह ने शनिवार को जिले में “नो व्हीकल डे” घोषित किया है। उन्होंने सरकारी कर्मचारियों और आम जनता से कम से कम वाहन प्रयोग करने, बस और ऑटो जैसे सार्वजनिक परिवहन का इस्तेमाल करने तथा अनावश्यक यात्रा से बचने की अपील की है।
ईंधन संकट और पर्यावरण संरक्षण पर जोर
मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव और ईंधन संकट की आशंकाओं के बीच बिहार सरकार का यह अभियान ईंधन संरक्षण और पर्यावरण संतुलन की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। सरकार वर्क फ्रॉम होम और सार्वजनिक परिवहन को भी बढ़ावा देने की तैयारी कर रही है।



