लखनऊ: उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के चर्चित ‘नीला ड्रम केस’ में आरोपी बेटे अक्षत प्रताप सिंह ने अपना जुर्म कुबूल कर लिया है। आशियाना पुलिस जब आरोपी को मेडिकल परीक्षण और सीन रिक्रिएशन के लिए लोकबंधु अस्पताल लेकर पहुंची, तो वहां उसने मीडिया के कैमरों के सामने अपना पक्ष रखा। 19 वर्षीय अक्षत ने माना कि उससे “बहुत बड़ी गलती” हो गई है।
पढ़ाई का दबाव और 20 फरवरी की वो खौफनाक सुबह
पूछताछ और मीडिया से बातचीत में अक्षत ने वारदात के पीछे की वजहों का जिक्र किया।अक्षत ने सिर हिलाकर स्वीकार किया कि उस पर परीक्षा और पढ़ाई को लेकर काफी दबाव था। ग्रेजुएशन की पढ़ाई कर रहे अक्षत का अक्सर पिता से इस बात पर झगड़ा होता था। 20 फरवरी की सुबह करीब 4:30 बजे पिता मानवेंद्र सिंह (50) के साथ उसका तीखा विवाद हुआ। गुस्से में आकर अक्षत ने अपने पिता की गोली मारकर हत्या कर दी।
हत्या के बाद की दरिंदगी: शव के किए टुकड़े
पुलिस जांच में जो तथ्य सामने आए हैं, वे रोंगटे खड़े कर देने वाले हैं। सबूत छिपाने के लिए अक्षत ने न केवल हत्या की, बल्कि शव के साथ हैवानियत भी की। हत्या के बाद आरोपी पिता के शव को तीसरी मंजिल से नीचे ग्राउंड फ्लोर के एक खाली कमरे में ले आया। आरोपी ने शव के अंगों को काटकर अलग कर दिया और उन्हें ठिकाने लगाने की कोशिश की। बाकी बचे धड़ को उसने एक नीले प्लास्टिक के ड्रम में भरकर छिपा दिया, जिसे बाद में पुलिस ने बरामद किया।
क्या बहन भी थी शामिल?
मीडिया ने जब अक्षत से सवाल किया कि क्या इस जघन्य हत्याकांड में उसकी बहन का भी कोई हाथ है, तो उसने स्पष्ट रूप से ‘ना’ में जवाब दिया। उसने पूरी वारदात की जिम्मेदारी खुद पर ली है।
पुलिस की कार्रवाई
आशियाना पुलिस के अनुसार, अक्षत पहले भी घर छोड़कर जा चुका है और उसके स्वभाव में काफी गुस्सा था। पुलिस अब हत्या में इस्तेमाल किए गए हथियार की बरामदगी और अन्य तकनीकी साक्ष्यों को जुटाने में लगी है। आरोपी को जल्द ही न्यायालय में पेश किया जाएगा।
