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Uttar Pradesh: रामपुर में सपा की सियासी खींचतान के बीच सक्रिय हुए शिवपाल यादव, आजम खान से जेल में मुलाकात की मांगी अनुमति

रामपुर: विधानसभा चुनाव की घोषणा भले ही अभी नहीं हुई है, लेकिन रामपुर में सियासी हलचल तेज हो गई है। समाजवादी पार्टी (सपा) के राष्ट्रीय महासचिव आजम खान और सांसद मोहिबुल्लाह नदवी के बीच चल रहा विवाद अब पार्टी के शीर्ष नेतृत्व तक पहुंचता नजर आ रहा है।इसी बीच पार्टी के वरिष्ठ नेता शिवपाल सिंह यादव सक्रिय हुए हैं। उन्होंने रामपुर के डीएम और एसपी को पत्र भेजकर जेल में बंद आजम खान और उनके बेटे अब्दुल्ला आजम से मुलाकात के लिए 12 अगस्त का समय मांगा है।हालांकि, जिला प्रशासन की ओर से अभी मुलाकात को लेकर कोई अंतिम निर्णय नहीं लिया गया है।

आजम खान को नाराज नहीं करना चाहती सपा

रामपुर की सियासत में आजम खान का लंबे समय से प्रभाव रहा है। ऐसे में चुनावी माहौल बनने के बीच सपा उन्हें नाराज नहीं करना चाहती।आजम खान और शिवपाल सिंह यादव के राजनीतिक संबंध भी पुराने और करीबी रहे हैं। सपा के पुराने दौर में दोनों नेताओं को पार्टी के प्रमुख स्तंभों में गिना जाता रहा है। राजनीतिक संकट के दौरान शिवपाल यादव कई मौकों पर आजम खान के समर्थन में खड़े दिखाई दिए हैं।अब रामपुर में पार्टी के भीतर बढ़ती खींचतान के बीच शिवपाल यादव की आजम खान से प्रस्तावित मुलाकात को डैमेज कंट्रोल की कोशिश के तौर पर देखा जा रहा है।

आजम खान और अब्दुल्ला आजम नवंबर 2025 से जेल में

जानकारी के मुताबिक, आजम खान और उनके बेटे अब्दुल्ला आजम दो पैन कार्ड मामले में नवंबर 2025 से जेल में हैं।शिवपाल यादव ने दोनों से मुलाकात के लिए 12 अगस्त का समय मांगा है। अब प्रशासन की अनुमति के बाद ही यह मुलाकात संभव हो सकेगी।

जौहर विश्वविद्यालय को लेकर भी गरमाई सियासत

रामपुर स्थित जौहर विश्वविद्यालय को लेकर भी सियासी विवाद लगातार सामने आता रहा है। रामपुर विकास प्राधिकरण की ओर से विश्वविद्यालय के 38 भवनों को अवैध बताते हुए ध्वस्तीकरण के आदेश दिए जाने के बाद मामला फिर चर्चा में आया।इस मुद्दे पर कांग्रेस और एआईएमआईएम प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी समेत विभिन्न राजनीतिक नेताओं की प्रतिक्रियाएं सामने आई हैं।सपा की ओर से भी विश्वविद्यालय मामले में आजम खान के समर्थन में गतिविधियां तेज हुईं। पहले विधायकों और बाद में सांसदों का प्रतिनिधिमंडल विश्वविद्यालय पहुंचा।

सांसदों के प्रतिनिधिमंडल में नाम होने के बावजूद नहीं पहुंचे मोहिबुल्लाह

जौहर विश्वविद्यालय मामले को लेकर सपा सांसदों का प्रतिनिधिमंडल जब वहां पहुंचा, तो सांसद मोहिबुल्लाह नदवी उसमें शामिल नहीं हुए।हालांकि, विश्वविद्यालय के भवनों के ध्वस्तीकरण का मुद्दा सामने आने के बाद मोहिबुल्लाह अपने समर्थकों के साथ विश्वविद्यालय पहुंचे थे। उस समय उनके लिए गेट नहीं खोले जाने की बात भी सामने आई थी।

टिकट से लेकर चुनाव तक आजम खान के निशाने पर रहे मोहिबुल्लाह

रिपोर्ट के अनुसार, मोहिबुल्लाह नदवी को लोकसभा चुनाव का टिकट मिलने से लेकर चुनाव जीतने तक आजम खान और उनके समर्थकों की ओर से लगातार नाराजगी जताई जाती रही।सीतापुर जेल से बाहर आने के बाद भी आजम खान ने मोहिबुल्लाह को लेकर कई टिप्पणियां की थीं।हाल में मोहिबुल्लाह ने दिल्ली में सपा सांसद डिंपल यादव से मुलाकात कर रामपुर के तीन स्थानीय राजनीतिक चेहरों को पार्टी में शामिल कराया। बताया जा रहा है कि आजम खान खेमे को यह कदम पसंद नहीं आया।

आसिम राजा ने भी मोहिबुल्लाह पर लगाए आरोप

बीते मंगलवार सपा के नगर अध्यक्ष आसिम राजा ने मोहिबुल्लाह पर आजम खान के विरोधियों को पार्टी में शामिल कराने का आरोप लगाया।इसके जवाब में मोहिबुल्लाह ने कहा कि पार्टी हित में सभी के लिए रास्ते खुले हैं।दोनों पक्षों के बीच बढ़ती राजनीतिक खींचतान से सपा को नुकसान की आशंका जताई जा रही है। ऐसे में शिवपाल यादव की आजम खान से प्रस्तावित मुलाकात को पार्टी के भीतर बढ़ते विवाद को नियंत्रित करने की कोशिश के तौर पर देखा जा रहा है।

12 अगस्त की मुलाकात पर प्रशासन के फैसले का इंतजार

शिवपाल सिंह यादव ने आजम खान और अब्दुल्ला आजम से मुलाकात के लिए 12 अगस्त का समय मांगा है। फिलहाल जिला प्रशासन की ओर से इस संबंध में फैसला नहीं लिया गया है।अब सभी की नजर इस बात पर है कि प्रशासन मुलाकात की अनुमति देता है या नहीं और शिवपाल यादव की आजम खान से मुलाकात के बाद रामपुर की सियासत में क्या नया मोड़ आता है।

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