Bihar: मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने ई-बस और नई डीलक्स बसों को दिखाई हरी झंडी, सार्वजनिक परिवहन को मिली नई रफ्तार

बिहार में सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था को आधुनिक, सुरक्षित और पर्यावरण के अनुकूल बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने शनिवार को पटना के वेटनरी कॉलेज ग्राउंड में आयोजित कार्यक्रम में प्रधानमंत्री ई-बस सेवा योजना के तहत इलेक्ट्रिक बसों तथा बिहार राज्य पथ परिवहन निगम की नई डीलक्स बसों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया।सरकार का कहना है कि इस पहल से यात्रियों को बेहतर सुविधाएं मिलेंगी और राज्य में प्रदूषण कम करने में भी मदद मिलेगी।
नई बसों में मिलेंगी आधुनिक सुविधाएं
नई इलेक्ट्रिक और डीलक्स बसों में यात्रियों की सुविधा और सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए आधुनिक तकनीक से लैस कई सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं। इन बसों में सफर पहले की तुलना में अधिक सुरक्षित, आरामदायक और भरोसेमंद होगा।सरकार का मानना है कि बेहतर सार्वजनिक परिवहन मिलने से लोग निजी वाहनों की बजाय बसों का अधिक उपयोग करेंगे, जिससे ट्रैफिक और प्रदूषण दोनों में कमी आएगी।
इन प्रमुख शहरों में चलेंगी इलेक्ट्रिक बसें
प्रधानमंत्री ई-बस सेवा योजना के तहत इलेक्ट्रिक बसों का संचालन राज्य के प्रमुख शहरों में किया जाएगा, जिनमें शामिल हैं पटना,मुजफ्फरपुर,गया,भागलपुर,दरभंगा और पूर्णिया। इन बसों के संचालन से वायु प्रदूषण कम होगा और पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा मिलेगा। इसे बिहार में हरित एवं टिकाऊ परिवहन व्यवस्था विकसित करने की दिशा में अहम पहल माना जा रहा है।
अंतरराज्यीय मार्गों पर दौड़ेंगी नई डीलक्स बसें
बिहार राज्य पथ परिवहन निगम की नई डीलक्स बसों का संचालन कई प्रमुख अंतरराज्यीय मार्गों पर किया जाएगा। इनमें शामिल हैं दिल्ली,उत्तर प्रदेश,झारखंड,पश्चिम बंगाल और हरियाणा। इन बसों के शुरू होने से लंबी दूरी की यात्रा करने वाले यात्रियों को सुरक्षित, आरामदायक और किफायती सार्वजनिक परिवहन का बेहतर विकल्प मिलेगा।
कार्यक्रम में कई वरिष्ठ अधिकारी रहे मौजूद
इस अवसर पर उपमुख्यमंत्री विजय कुमार चौधरी, उपमुख्यमंत्री विजेंद्र प्रसाद यादव, परिवहन मंत्री दामोदर रावत, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव दीपक कुमार, मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत, विकास आयुक्त मिहिर कुमार सिंह, परिवहन विभाग के सचिव राज कुमार, बिहार राज्य पथ परिवहन निगम के प्रशासक अतुल कुमार वर्मा सहित परिवहन विभाग और बीएसआरटीसी के कई वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।



