Jharkhand: सोनम वांगचुक मामले पर जेएमएम का केंद्र सरकार पर हमला, सुप्रियो भट्टाचार्य बोले- ‘देश में अमृतकाल नहीं, विषकाल चल रहा है’

झारखंड मुक्ति मोर्चा के केंद्रीय महासचिव सुप्रियो भट्टाचार्य ने प्रेस वार्ता कर सामाजिक कार्यकर्ता एवं शिक्षाविद सोनम वांगचुक के आमरण अनशन के दौरान हुई कार्रवाई को लेकर केंद्र सरकार और दिल्ली पुलिस की आलोचना की।
लोकतांत्रिक मूल्यों के खिलाफ बताया कार्रवाई
सुप्रियो भट्टाचार्य ने आरोप लगाया कि सोनम वांगचुक के साथ जिस तरह की कार्रवाई की गई, वह लोकतांत्रिक मूल्यों के विपरीत है। उन्होंने कहा कि देश में “अमृतकाल नहीं बल्कि विषकाल” का दौर चल रहा है।
हाईकोर्ट के निर्देशों का किया जिक्र
उन्होंने कहा कि 17 जुलाई को सोनम वांगचुक के आमरण अनशन का 20वां दिन था और उसी दिन दिल्ली हाईकोर्ट ने उनके स्वास्थ्य को लेकर केंद्र सरकार को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए थे। इसके बावजूद, उनके अनुसार, अगले दिन सुबह बड़ी संख्या में दिल्ली पुलिस पहुंची और उन्हें अनशन स्थल से हटाया गया।
सरकार की मंशा पर उठाए सवाल
सुप्रियो भट्टाचार्य ने सवाल उठाया कि यदि केंद्र सरकार को सोनम वांगचुक के स्वास्थ्य की इतनी चिंता थी, तो पिछले कई दिनों तक कोई कदम क्यों नहीं उठाया गया। उन्होंने इस कार्रवाई को अनावश्यक और भय का माहौल बनाने वाला बताया।
संसद सत्र से पहले कार्रवाई पर जताया संदेह
जेएमएम नेता ने आरोप लगाया कि संसद के मानसून सत्र से ठीक पहले हुई यह कार्रवाई संयोग नहीं हो सकती। उन्होंने कहा कि 20 जुलाई से शुरू होने वाले संसद के मानसून सत्र के दौरान केंद्र सरकार संविधान के 131वें संशोधन को लाने की तैयारी कर रही है।
लोकतांत्रिक संस्थाओं को कमजोर करने का आरोप
सुप्रियो भट्टाचार्य ने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार संवैधानिक और लोकतांत्रिक संस्थाओं को कमजोर करने की दिशा में आगे बढ़ रही है। उन्होंने यह भी कहा कि जांच एजेंसियों का इस्तेमाल राजनीतिक विरोधियों पर दबाव बनाने और लोकतांत्रिक आवाजों को दबाने के लिए किया जा रहा है।



