Jharkhand: गिरिडीह में अवैध खनन पर प्रशासन का बड़ा एक्शन, करोड़ों की मशीनें जब्त, 6 लोग हिरासत में

गिरिडीह जिले में अवैध खनन के खिलाफ प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई करते हुए सरिया अंचल के बाल्हेडीह जंगल में संचालित अवैध पत्थर खदान पर छापेमारी की। पुलिस और प्रशासन की संयुक्त टीम ने कार्रवाई के दौरान करोड़ों रुपये मूल्य की भारी मशीनों और उपकरणों को जब्त कर लिया। मौके से छह लोगों को हिरासत में लिया गया, जबकि कई अन्य आरोपी फरार होने में सफल रहे।इस कार्रवाई के बाद इलाके में सक्रिय अवैध खनन कारोबारियों में हड़कंप मच गया है।
भारी पुलिस बल के साथ पहुंची टीम, तत्काल बंद कराया उत्खनन
जानकारी के अनुसार, यह संयुक्त अभियान एसडीओ संतोष गुप्ता के नेतृत्व में चलाया गया। अभियान में एसडीपीओ धनंजय राम, अंचल अधिकारी संतोष कुमार, सरिया थाना प्रभारी पिंकू कुमार सिंह सहित पुलिस और प्रशासन के कई अधिकारी तथा बड़ी संख्या में सुरक्षा बल शामिल थे।टीम ने जंगल के भीतर पहुंचकर अवैध खदान को चारों ओर से घेर लिया और मौके पर चल रहे पत्थर उत्खनन को तत्काल बंद करा दिया।
करोड़ों की मशीनें और उपकरण जब्त
छापेमारी के दौरान प्रशासन ने पत्थर उत्खनन में इस्तेमाल हो रही भारी मशीनों, उपकरणों और अन्य संसाधनों को जब्त कर लिया। अधिकारियों ने मौके पर मौजूद लोगों से पूछताछ की और अवैध खनन से जुड़े दस्तावेजों की जांच शुरू कर दी है।हिरासत में लिए गए छह लोगों से लगातार पूछताछ की जा रही है ताकि पूरे नेटवर्क का पता लगाया जा सके।
इन लोगों पर अवैध खदान संचालन का आरोप
प्राथमिक जांच में सामने आया है कि अवैध पत्थर खदान का संचालन ताजुद्दीन अंसारी, नरेश पासवान और सुरेश नायक द्वारा किए जाने की आशंका है। पुलिस इनकी भूमिका की गहन जांच कर रही है और अवैध खनन सिंडिकेट से जुड़े अन्य लोगों की भी पहचान की जा रही है।
लंबे समय से मिल रही थीं शिकायतें
प्रशासन के अनुसार, बाल्हेडीह जंगल में लंबे समय से अवैध पत्थर उत्खनन की शिकायतें मिल रही थीं। शिकायतों के सत्यापन के बाद योजनाबद्ध तरीके से संयुक्त छापेमारी की गई। अचानक हुई कार्रवाई से अवैध कारोबार से जुड़े लोगों में अफरा-तफरी मच गई।
खनन माफियाओं पर जारी रहेगा अभियान
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि जिले में अवैध खनन के खिलाफ अभियान आगे भी लगातार जारी रहेगा। मामले में प्राथमिकी दर्ज करने की प्रक्रिया चल रही है और जांच के आधार पर पूरे खनन नेटवर्क पर सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।अधिकारियों ने कहा कि सरकारी संपत्ति और प्राकृतिक संसाधनों की अवैध लूट किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी तथा कानून तोड़ने वालों के खिलाफ कठोर कार्रवाई जारी रहेगी।



