Bengal: टीएमसी के 20 सांसदों ने एनडीए को समर्थन देने का दावा, ममता बनर्जी को झटका

कोलकाता: पश्चिम बंगाल की राजनीति में बड़ा घटनाक्रम सामने आया है। तृणमूल कांग्रेस की वरिष्ठ सांसद काकोली घोष दस्तीदार ने दावा किया है कि पार्टी के लगभग 20 सांसदों ने एनडीए को समर्थन देने का फैसला किया है और इस संबंध में लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला को पत्र भी भेजा गया है।यदि यह दावा पूरी तरह सही साबित होता है, तो यह तृणमूल कांग्रेस की संसदीय इकाई में बड़ी टूट मानी जाएगी।
काकोली घोष ने क्या कहा?
काकोली घोष दस्तीदार ने कहा कि करीब 20 सांसदों ने विचार-विमर्श के बाद एनडीए के साथ जाने का निर्णय लिया है। उन्होंने दावा किया कि सांसदों के समूह ने लोकसभा अध्यक्ष को पत्र लिखकर अपनी स्थिति स्पष्ट कर दी है।उन्होंने कहा कि उनका समूह देशहित और राजनीतिक परिस्थितियों को देखते हुए आगे की रणनीति तय कर रहा है तथा भविष्य की राजनीतिक दिशा एनडीए के साथ देख रहा है।
ममता बनर्जी और टीएमसी नेतृत्व पर लगाए आरोप
मीडिया से बातचीत में काकोली घोष ने आरोप लगाया कि पार्टी में उनकी बात नहीं सुनी गई और उन्हें संगठन में किनारे कर दिया गया। उन्होंने कहा कि पश्चिम बंगाल में विकास और सुशासन से जुड़े मुद्दों पर उनकी चिंताओं पर ध्यान नहीं दिया गया।उन्होंने यह भी कहा कि उनका उद्देश्य राज्य और देश के हित में काम करना है और इसी वजह से उन्होंने यह कदम उठाया है।
टीएमसी के लिए क्यों महत्वपूर्ण है यह घटनाक्रम?
तृणमूल कांग्रेस के पास वर्तमान में लोकसभा में 28 सांसद हैं। ऐसे में 20 सांसदों के अलग रुख अपनाने का दावा पार्टी के लिए गंभीर राजनीतिक चुनौती माना जा रहा है।हालांकि, संसदीय और दल-बदल कानून से जुड़े मामलों में अंतिम स्थिति लोकसभा अध्यक्ष और संवैधानिक प्रक्रियाओं के तहत ही स्पष्ट होगी। फिलहाल यह सांसदों के दावे और पत्राचार के स्तर पर सामने आया घटनाक्रम है।
टीएमसी नेतृत्व की प्रतिक्रिया का इंतजार
समाचार एजेंसियों के अनुसार, काकोली घोष के दावों पर तृणमूल कांग्रेस नेतृत्व की ओर से तत्काल कोई विस्तृत आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। पार्टी स्थिति को संभालने और सांसदों को एकजुट रखने के प्रयासों में जुटी हुई बताई जा रही है।



