
भोपाल: चर्चित ट्विशा शर्मा मौत मामले में सीबीआई ने गुरुवार (28 मई) को बड़ी कार्रवाई करते हुए मध्य प्रदेश हाईकोर्ट की रिटायर्ड जज और ट्विशा की सास गिरिबाला सिंह को गिरफ्तार कर लिया है। गिरफ्तारी से ठीक पहले हाईकोर्ट ने उनकी अग्रिम जमानत याचिका रद्द कर दी थी। भोपाल के बाग मुगलिया एक्सटेंशन स्थित उनके आवास पर सीबीआई की टीम ने पहुंचकर उन्हें हिरासत में लिया।
हाईकोर्ट ने क्यों रद्द की जमानत?
महाधिवक्ता प्रशांत सिंह ने कोर्ट में दलील दी थी कि गिरिबाला सिंह ने अग्रिम जमानत की शर्तों का पालन नहीं किया और न ही जांच में सीबीआई को कोई सहयोग दिया। अदालत ने सुनवाई के दौरान ट्विशा शर्मा के शरीर पर मिली 7 चोटों का विशेष उल्लेख किया। कोर्ट ने कहा कि ये चोटें ‘एंटी मार्टम’ (मृत्यु के पहले की) हैं, जो यह संकेत देती हैं कि किसी गंभीर अपराध को अंजाम दिया गया है। अदालत की इस टिप्पणी के बाद उनकी अग्रिम जमानत तत्काल प्रभाव से रद्द कर दी गई।
गिरिबाला सिंह पर दर्ज धाराएं
गिरिबाला सिंह पर दहेज उत्पीड़न और क्रूरता से संबंधित गंभीर धाराओं में मामला दर्ज किया गया है जिसमे धारा 80 (सेक्शन 2): दहेज मृत्यु के लिए दंड, धारा 85: विवाहित महिला के साथ पति या रिश्तेदारों द्वारा क्रूरता के लिए दंड और धारा 3 (सेक्शन 5): संयुक्त आपराधिक दायित्व शामिल है।
क्या है पूरा मामला?
मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल के कटारा हिल्स इलाके में 12 मई को ट्विशा शर्मा का शव उनके ससुराल में फांसी पर लटका हुआ मिला था। मामले की गंभीरता को देखते हुए सीबीआई ने सोमवार (25 मई) को जांच अपने हाथ में ली और नई एफआईआर दर्ज की। इस मामले में ट्विशा के पति, पेशे से वकील समर्थ सिंह, पहले से ही सीबीआई की हिरासत में हैं। सीबीआई अब घटना की कड़ियों को जोड़ने के लिए उनके घर पर ‘वर्चुअल वॉकथ्रू’ तैयार कर रही है, ताकि मौत के वास्तविक कारणों का पता लगाया जा सके।



