पटना: बिहार के मोकामा से विधायक अनंत सिंह को सुप्रीम कोर्ट से आत्मसमर्पण के लिए तीन दिन की अतिरिक्त मोहलत मिल गई है। पहले उन्हें 1 दिसंबर तक सरेंडर करने का आदेश दिए जाने की जानकारी सामने आई थी, लेकिन बुधवार शाम जारी सुप्रीम कोर्ट के लिखित आदेश में आत्मसमर्पण की अंतिम तारीख 4 दिसंबर दर्ज है। ऐसे में अब अनंत सिंह को 4 दिसंबर तक जेल लौटना होगा।दरअसल, दुलारचंद यादव हत्याकांड में सुप्रीम कोर्ट ने अनंत सिंह की जमानत रद्द करते हुए उन्हें दोबारा आत्मसमर्पण करने का आदेश दिया था। सुप्रीम कोर्ट के जस्टिस एमएम सुंदरेश और जस्टिस प्रसन्ना बी. पराले की पीठ ने 30 अक्टूबर को मामले की सुनवाई के दौरान अनंत सिंह की ओर से किए गए आग्रह पर उन्हें बेटी की शादी के बाद 1 दिसंबर तक सरेंडर करने की मोहलत दी थी। हालांकि, लिखित आदेश की प्रति सामने आने के बाद अंतिम तारीख 4 दिसंबर बताई जा रही है।
बेटी शिवांगी की शादी की तैयारियों में जुटे अनंत सिंह
मोकामा विधायक फिलहाल अपनी बेटी शिवांगी सिंह की शादी की तैयारियों में व्यस्त हैं। उनके पैतृक गांव नदवां में शादी समारोह को लेकर भव्य इंतजाम किए जा रहे हैं। करीब 10 बीघा जमीन पर टेंट लगाया जा रहा है। शादी के अवसर पर घुड़दौड़ प्रतियोगिता जैसे विशेष आयोजन भी रखे गए हैं।बताया जा रहा है कि शिवांगी का रिश्ता अमेरिका में रह रहे ऋषिकेश कुमार से हुआ है। ऋषिकेश मूल रूप से पटना जिले के बिहटा के रहने वाले हैं। उनके पिता सीआरपीएफ में कमांडेंट हैं।
अनंत सिंह ने नीरज कुमार पर लगाया था फंसाने का आरोप
अनंत सिंह ने हाल ही में मीडिया से बातचीत में कहा था कि वह अपनी बेटी की शादी के बाद आत्मसमर्पण कर देंगे। दुलारचंद यादव हत्याकांड में आरोपी बनाए जाने पर उन्होंने खुद को निर्दोष बताते हुए कहा था कि हत्या के समय वह घटनास्थल पर मौजूद नहीं थे।उन्होंने जेडीयू एमएलसी नीरज कुमार पर इस मामले में उन्हें फंसाने का आरोप भी लगाया था। अनंत सिंह के अनुसार, दुलारचंद यादव की मौत के समय वह घटनास्थल से करीब तीन से पांच किलोमीटर दूर दूसरे गांव में थे।
बिहार विधानसभा चुनाव के दौरान हुई थी दुलारचंद यादव की हत्या
दुलारचंद यादव की हत्या अक्टूबर 2025 में पटना जिले के बाढ़ इलाके में हुई थी। वह मोकामा विधानसभा क्षेत्र से जन सुराज के प्रत्याशी पीयूष प्रियदर्शी के समर्थन में चुनाव प्रचार कर रहे थे। इसी दौरान अनंत सिंह और पीयूष के समर्थकों के बीच विवाद हुआ था। इस घटना के बाद दुलारचंद यादव की हत्या का मामला सामने आया।
हाईकोर्ट से मिली जमानत सुप्रीम कोर्ट ने की रद्द
दुलारचंद यादव हत्याकांड में अनंत सिंह को जेल जाना पड़ा था। उन्होंने जेल में रहते हुए ही जेडीयू के टिकट पर मोकामा विधानसभा सीट से चुनाव जीता था। इसके बाद मार्च 2026 में पटना हाईकोर्ट से उन्हें जमानत मिल गई थी।हाईकोर्ट के इस फैसले को दुलारचंद यादव के पोते नीरज ने सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी थी। 30 अक्टूबर को सुनवाई के बाद सुप्रीम कोर्ट ने हाईकोर्ट से मिली जमानत रद्द कर दी और अनंत सिंह को दोबारा आत्मसमर्पण करने का निर्देश दिया।अब सुप्रीम कोर्ट के लिखित आदेश में 4 दिसंबर की तारीख दर्ज होने के बाद अनंत सिंह को अपनी बेटी की शादी के बाद निर्धारित समय सीमा के भीतर जेल लौटना होगा।
