Jharkhand; ओसीएल आयरन एंड स्टील के खिलाफ विस्थापितों का प्रदर्शन, प्रेम मार्डी ने दिया एक सप्ताह का अल्टीमेटम

सरायकेला: ओसीएल आयरन एंड स्टील लिमिटेड (पूर्व में नीलांचल कंपनी) में विस्थापितों और स्थानीय रैयतों की कथित अनदेखी के खिलाफ बुधवार को आंदोलन तेज हो गया। झारखंड लोकतांत्रिक क्रांतिकारी मोर्चा (जेएलकेएम) के नेता प्रेम मार्डी के नेतृत्व में सैकड़ों ग्रामीण और विस्थापित उपायुक्त कार्यालय पहुंचे। उन्होंने अपनी मांगों को लेकर उपायुक्त को ज्ञापन सौंपा और कंपनी प्रबंधन तथा जिला प्रशासन को एक सप्ताह का समय दिया।
मांगें पूरी नहीं हुईं तो कंपनी गेट पर अनिश्चितकालीन धरना
उपायुक्त कार्यालय के बाहर ग्रामीणों को संबोधित करते हुए प्रेम मार्डी ने चेतावनी दी कि यदि एक सप्ताह के भीतर विस्थापितों की मांगों पर ठोस कार्रवाई नहीं हुई, तो प्रभावित ग्रामीण कंपनी गेट के सामने अनिश्चितकालीन धरने पर बैठेंगे। उन्होंने कहा कि ऐसी स्थिति में इसकी जिम्मेदारी जिला प्रशासन और कंपनी प्रबंधन की होगी।
मृत कर्मचारियों के आश्रितों को न्याय देने की मांग
प्रेम मार्डी ने आरोप लगाया कि कंपनी में पहले कई कर्मचारी स्थायी रूप से काम करते थे। नौकरी के दौरान उनकी मृत्यु होने के बाद उनके आश्रितों और परिजनों को उचित रोजगार देने के बजाय ठेकेदार के अधीन मजदूरी का काम कराया जा रहा है। उन्होंने इसे विस्थापित परिवारों के साथ अन्याय बताते हुए प्रबंधन से इस व्यवस्था में सुधार की मांग की।
स्थानीय रैयतों को ऊंचे पदों पर नियोजन देने की मांग
जेएलकेएम नेता ने स्थानीय नियोजन में भेदभाव का आरोप लगाते हुए कहा कि जिन रैयतों ने औद्योगिक इकाई की स्थापना के लिए अपनी जमीन दी, उन्हें कंपनी में केवल मजदूरी का काम दिया जा रहा है। वहीं, बाहरी लोगों को ऊंचे पदों पर नियुक्त किए जाने का आरोप लगाया।उन्होंने मांग की कि कंपनी में अब तक हुए नियोजन का पूरा रिकॉर्ड सार्वजनिक किया जाए। साथ ही, वर्ष 2002 में 131 लोगों को नौकरी देने के किए गए वादे से संबंधित जानकारी भी सार्वजनिक करने की मांग उठाई।आंदोलनकारियों ने स्पष्ट किया कि विस्थापितों और स्थानीय रैयतों की मांगों पर समयबद्ध कार्रवाई नहीं होने पर आंदोलन को और तेज किया जाएगा।



